मानसून जल्दी आने पर रिवर रॉफ्टिंग पर संकट
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हिमाचल में मानसून जल्दी आने पर जल क्रीड़ाओं पर संकट के बादल छा गए हैं। मानसून और नदियों में जल स्तर को देखते हुए जल क्रीड़ाओं के लिए समय से पहले रोक लग सकती है। जिला कुल्लू में नदी नालों में बढ़ते जल स्तर को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर रॉफ्टिंग पर जल्द रोक लगाई जा सकती है। इसे लेकर टीम निरीक्षण करेगी और डीसी के माध्यम से अधिसूचना जारी की जाएगी। ब्यास नदी व सहायक नदियों में बढ़ते जल स्तर के कारण जल क्रीड़ाओं पर असर पड़ सकता है। इन दिनों पर्यटन सीजन चरम पर है। बाहरी राज्यों से रोजाना हजारों सैलानी चिलचिल्लाती गर्मी से निजात पाने के लिए विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली पहुंच रहे हैं।
गर्मी से निजात पाने के लिए पर्यटक साहसिक गतिविधियों को लुत्फ उठा रहे हैं। पर्यटक रिवर रॉफ्टिंग का खूब मजा ले रहे हैं। वहीं, पैराग्लाइडिंग का भी खूब आनंद ले रहे हैं। वहीं वर्तमान में नदियों में बढ़ रहा जल स्तर रिवर रॉफ्टिंग के कुछ प्वाइंटों में खतरनाक साबित हो सकता है। हिमाचल में समय से पहले मानसून पहुंच गया है। वहीं, ग्लेशियर पिघलने से भी जल स्तर बढ़ रहा है। जिससे समय से पहले ही रिवर रॉफ्टिंग पर संकट के बादल छा गए हैं।
जिला कुल्लू में बवेली, पिरड़ी, झीड़ी, बजौरा, रॉयसन समेत अन्य जगहों में रिवर रॉफ्टिंग होती है। रॉफ्टिंग करवाने के लिए एक वर्ष के लिए औपचारिकता पूरी करने वाले को लाइसेंस दिया जाता है। केवल खतरनाक रॉफ्टिंग प्वाइंट में समय से पहले रोक लगाई जा सकती है। हालांकि साधारण प्वाइंट में निर्धारित समय तक रॉफ्टिंग की जा सकती है। सामान्य तौर पर पर्यटन सीजन के दौरान 15 जुलाई तक रॉफ्टिंग करवाई जा सकती है। लेकिन जल स्तर पर व अन्य सुरक्षा संबंधी सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण के बाद रॉफ्टिंग पर रोक लग सकती है। इसके लिए जिला दंडाधिकारी की ओर से अधिसूचना जारी की जाती है।