कुल्लू में रिवर राफ्टिंग पर आज से प्रतिबंध
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बरसात सीजन के चलते ब्यास सहित जिले की सभी नदियों में बढ़ते जलस्तर और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिवर राफ्टिंग गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उपायुक्त की ओर से इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि घाटी में रिवर रॉफ्टिंग पर 3 जुलाई से पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। तीन जुुलाई से रिवर रॉफ्टिंग नहीं की जा सकेगी। संबंधित अधिकारी अवैध रूप से रिवर रॉफ्टिंग करवाने वालों पर कड़ी निगरानी रखेंगे। आदेशों की अवहेलना करने वाले ऑपरेटरों के विरुद्घ नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।
मानसून के चलते इन दिनों ब्यास समेत अन्य सहायक नदियों उफान पर हैं। जिन्हें ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रिवर रॉफ्टिंग पर तीन जुलाई से प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। ब्यास की लहरों के बीच खतरनाक प्वाइंट में हादसा होने का खतरा रहता है। वहीं, प्रशासन ने ब्यास किनारों पर बसे लोगों को भी अपने स्थानों को खाली करने के निर्देश दिए हैं ताकि जल स्तर बढ़ने पर किसी भी तरह का नुकसान न हो। उपायुक्त ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि है समय रहते झुग्गी-झोंपड़ी वालों को भी नदी-नालों के किनारों से बस्ती खाली करवाएं। इधर, उपायुक्त हंसराज चौहान ने जिला में कार्यरत सभी रिवर राफ्टिंग ऑपरेटरों से अपील की है कि इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करें और किसी प्रकार के भी नदी नालों में साहसिक गतिविधियों को न करवाएं। यदि कोई ऑपरेटर इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त होता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त ने स्थानीय लोगों को भी नदियों के नजदीक न जाने की सलाह दी है। जिला कुल्लू में बवेली, पिरड़ी, झीड़ी, बजौरा, रॉयसन समेत अन्य जगहों में रिवर रॉफ्टिंग होती है। बाहरी राज्यों से गर्मी से निजात पाने के लिए रोजाना सैकड़ों पर्यटक कुल्लू जिला में दस्तक दे रहे हैं और ब्यास की लहरों में रिवर रॉफ्टिंग का आनंद ले रहे हैं। सामान्य तौर पर पर्यटन सीजन के दौरान 15 जुलाई तक रॉफ्टिंग करवाई जा सकती है। लेकिन जल स्तर पर व अन्य सुरक्षा संबंधी सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तीन जुलाई से रिवर रॉफ्टिंग पर रोक लगा दी है। अब जिला की किसी भी नदी पर रिवर रॉफ्टिंग नहीं करवाई जा सकेगी।