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आपदा में और बढ़ जाती है चिकित्सा अधिकारियों की जिम्मेदारी : उपायुक्त
Thu, 24 Oct 2024 08:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 24 Oct 2024 08:20 AM IST
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कार्यशाला की अध्यक्षता करते डीडीएमए के अध्यक्ष एवं उपायुक्त राहुल कुमार। -संवाद
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और समर्थ संस्था द्वारा ‘आपदाओं व आपातकाल में सुरक्षित अस्पताल’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लाहौल-स्पीति राहुल कुमार ने की।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय चिकित्सा अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, क्योंकि प्रभावित लोगों की संख्या अधिक होती है और सभी को शीघ्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि लाहौल-स्पीति का पूरा क्षेत्र सिस्मिक ज़ोन पांच में आता है, जो उच्चतम आपदा संभावित क्षेत्र है।
आपदा के दौरान सड़क नेटवर्क क्षतिग्रस्त होने से जिला का अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट सकता है, जिससे पूरा जिला क्षेत्रीय अस्पताल केलांग पर निर्भर हो सकता है। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनानी और उस पर सामूहिक रूप से अमल करना आवश्यक है।
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इस कार्यशाला में बाल सुरक्षा भारत (बीआरबी) से निवेदिता सिंह, मिर्जा तौसीफ बेग और सुनील कुमार ने आपातकालीन स्थितियों में चिकित्सकों द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के तरीकों पर जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोशन लाल, अस्पताल के चिकित्सक और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि आपदा के समय चिकित्सा अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, क्योंकि प्रभावित लोगों की संख्या अधिक होती है और सभी को शीघ्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि लाहौल-स्पीति का पूरा क्षेत्र सिस्मिक ज़ोन पांच में आता है, जो उच्चतम आपदा संभावित क्षेत्र है।
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आपदा के दौरान सड़क नेटवर्क क्षतिग्रस्त होने से जिला का अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट सकता है, जिससे पूरा जिला क्षेत्रीय अस्पताल केलांग पर निर्भर हो सकता है। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनानी और उस पर सामूहिक रूप से अमल करना आवश्यक है।
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इस कार्यशाला में बाल सुरक्षा भारत (बीआरबी) से निवेदिता सिंह, मिर्जा तौसीफ बेग और सुनील कुमार ने आपातकालीन स्थितियों में चिकित्सकों द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के तरीकों पर जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोशन लाल, अस्पताल के चिकित्सक और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।