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धार्मिक कार्यक्रम बंद, पंडितों की आर्थिकी प्रभावित

Tue, 22 Jun 2021 09:42 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 09:42 PM IST
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Religious programs closed, economics of pundits affected
कुल्लू/खराहल। कोरोना काल में बंदिशें धीरे-धीरे हटाई जा रही हैं। लेकिन कर्मकांड करने वाले पंडितों की हालत अभी भी खराब है। शादियों में महज 20 लोगों को ही मंजूरी मिलने से अधिकतर शादी समारोह आगे टल रहे हैं। साथ ही मुंडन, भागवत, कथा, जन्मदिन समेत अन्य धार्मिक समारोह पर पाबंदी लगी है। इससे धार्मिक आयोजन करने वाले पंडितों की आर्थिकी पर बुरा असर पड़ रहा है।
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पंडितों का कहना है कि कोरोना काल में रोजी रोटी कमानी मुश्किल हो गई है। कामकाज बंद होने से घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। मंदिरों के कपाट बंद रहने से भी कई धार्मिक समारोह का आयोजन नहीं हो रहा है। इससे भी पंडितों और पुजारियों की आर्थिकी पर असर पड़ रहा है। मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, भागवत, अनुष्ठान, यज्ञ सहित तमाम कर्मकांड बंद होने से पंडितों के परिवार को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा हैै। इससे होने वाली उनकी कमाई पर विराम लग गया है। जिला कुल्लू में हजारों पंडित डेढ़ साल से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। (संवाद)
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वैदिक अनुष्ठान में आई भारी कमी
पंडित मनोज का कहना है कि हर महीने वैदिक अनुष्ठान होते थे। कोरोना के बाद अनुष्ठानों में भारी कमी आई है। इसका मुख्य कारण धार्मिक कार्यक्रम पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगना है। पंडित कोरोना के चलते घरों में जा नहीं सकते है। पंडितों के कारोबार पर काफी बुरा असर पड़ा है।
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महीनों से नहीं हुए जाप-पाठ और भागवत
सनी शर्मा ने कहा कि डेढ़ साल पहले तक हर महीने दो भागवत कथा, पूजा-पाठ के कार्यक्रम चलते रहते थे। कोरोना काल शुरू होने के बाद ऐसे कार्यक्रम आयोजित नहीं हो रहे हैं। इससे होने वाली कमाई पूरी तरह खत्म हो गई है। लॉकडाउन से उन्हें और भी परेशानी हो रही है।
डेढ़ साल से काम पूरी तरह प्रभावित
नीरज शर्म ने बताया कि यह ऐसा काम है, जिसे ऑनलाइन नहीं किया जा सकता है। हवन, यज्ञ मंत्रोच्चारण आदि का प्रभाव उसी के घर व स्थान पर उचित तरह से होता है, जहां इसका आयोजन होना है। गत डेढ़ साल से काम पूरी तरह प्रभावित हुआ है। अभी धार्मिक आयोजन नहीं हो रहे।
वैवाहिक, गृह प्रवेश कार्यक्रम हुए प्रभावित
पंडित सीता राम ने कहा कि डेढ़ साल से वैवाहिक, गृह प्रवेश, अन्य बडे़ धार्मिक समारोह बुरी तरह से प्रभावित हैं। इसका सबसे ज्यादा असर पंडितों पर पड़ रहा है। सैकड़ों की तादाद में शादियां निरस्त हुई हैं। मांगलिक कार्यक्रम न होने से पंडितों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा है।

सरकार पंडितों के हित में बनाए योजना
पंडित गोपाल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिमाचल सरकार को पंडितों के हित में कोई योजना बनानी चाहिए, जिससे कोरोनाकाल में बेरोजगार हुए इस वर्ग को सहारा मिल सके। स्कूलों व कॉलेजों में कर्मकांड संबंधी पाठ्यक्रम शामिल कर कुशल व योग्य पंडितों को इसमें जोड़ा जाना चाहिए।
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