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Kullu News: रिश्तेदारों ने दी शरण, किसी ने टेंट लगाया तो कई प्रभावितों की गोशाला में कटी रात
Thu, 02 Jan 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 02 Jan 2025 10:52 PM IST
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पुश्तैनी घरों को जलते देख सदमे में प्रभावित तांदी गांव के बुजुर्ग और महिलाएं
आशियाने जलने के बाद खुले आसमान के नीचे आ गए हैं 33 परिवारों के 146 लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। आग के तांडव में अपना सबकुछ खोने के बाद प्रभावित परिवारों की सर्द रात भी रिश्तेदारों के घरों, कॉटेज और टेंटों में कटी। कुछ लोग पड़ाछे (गोशाला) में रह रहे हैं। भीषण अग्निकांड में बंजार का आधा तांदी गांव पूरी तरह जल गया है।
काष्ठकुणी शैली से बने 17 मकान जलने के बाद 33 परिवारों के 146 लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। प्रभावित परिवारों ने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है।
प्रभावित दलीप सिंह, चेतन सिंह, दुनी चंद, डोलू देवी और यज्ञ चंद ने कहा कि आधे से ज्यादा गांव के लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इन लोगों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। चेतन सिंह और दुनी चंद के नौ परिवार के लोग खेत में टेंट के नीचे रह रहे हैं।
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गांव के बुजुर्ग और महिलाएं पुश्तैनी घरों को जलते देख सदमे में हैं। तांदी पंचायत के प्रधान परस राम और स्थानीय निवासी देव राज नेगी ने कहा कि दो परिवार टेंट में रह रहे हैं। 31 परिवारों के सदस्य रिश्तेदारों और गांव में उनके पड़ाछे (गोशाला) में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्दी का मौसम होने से सरकार और जिला प्रशासन से जल्द प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने कहा कि पीड़ित लोगों को राहत राशि दे दी है। उनको बसाने के लिए भी प्रक्रिया चल रही है।
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चिंता... बिना छत कैसे काटेंगे ठंड का मौसम
नए साल के पहले दिन हुए भीषण अग्निकांड ने उनके आशियाने राख के ढेर में बदल दिए हैं। प्रभावित परिवारों पहली रात को रिश्तेदारों के घरों और टेंटों में कट गई, लेकिन उन्हें आने वाली सर्दी की चिंता सताने लगी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सात जनवरी तक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। जलोड़ी दर्रा के साथ सटा होने से क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ती है। साथ ही फाहे भी गिरना शुरू हो जाते हैं। चिंता सता रही है कि बिना छत प्रभावित परिवार कड़ाके की ठंड में कैसे गुजर बसर करेंगे। हालांकि, संकट की घड़ी में जिला प्रशासन ने मदद की है, मगर यह नाकाफी है। पीड़ित परिवार सरकार से घर बनाने की गुहार लगा रहे हैं।
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आशियाने जलने के बाद खुले आसमान के नीचे आ गए हैं 33 परिवारों के 146 लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। आग के तांडव में अपना सबकुछ खोने के बाद प्रभावित परिवारों की सर्द रात भी रिश्तेदारों के घरों, कॉटेज और टेंटों में कटी। कुछ लोग पड़ाछे (गोशाला) में रह रहे हैं। भीषण अग्निकांड में बंजार का आधा तांदी गांव पूरी तरह जल गया है।
काष्ठकुणी शैली से बने 17 मकान जलने के बाद 33 परिवारों के 146 लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। प्रभावित परिवारों ने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है।
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प्रभावित दलीप सिंह, चेतन सिंह, दुनी चंद, डोलू देवी और यज्ञ चंद ने कहा कि आधे से ज्यादा गांव के लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इन लोगों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। चेतन सिंह और दुनी चंद के नौ परिवार के लोग खेत में टेंट के नीचे रह रहे हैं।
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गांव के बुजुर्ग और महिलाएं पुश्तैनी घरों को जलते देख सदमे में हैं। तांदी पंचायत के प्रधान परस राम और स्थानीय निवासी देव राज नेगी ने कहा कि दो परिवार टेंट में रह रहे हैं। 31 परिवारों के सदस्य रिश्तेदारों और गांव में उनके पड़ाछे (गोशाला) में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्दी का मौसम होने से सरकार और जिला प्रशासन से जल्द प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने कहा कि पीड़ित लोगों को राहत राशि दे दी है। उनको बसाने के लिए भी प्रक्रिया चल रही है।
चिंता... बिना छत कैसे काटेंगे ठंड का मौसम
नए साल के पहले दिन हुए भीषण अग्निकांड ने उनके आशियाने राख के ढेर में बदल दिए हैं। प्रभावित परिवारों पहली रात को रिश्तेदारों के घरों और टेंटों में कट गई, लेकिन उन्हें आने वाली सर्दी की चिंता सताने लगी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सात जनवरी तक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। जलोड़ी दर्रा के साथ सटा होने से क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ती है। साथ ही फाहे भी गिरना शुरू हो जाते हैं। चिंता सता रही है कि बिना छत प्रभावित परिवार कड़ाके की ठंड में कैसे गुजर बसर करेंगे। हालांकि, संकट की घड़ी में जिला प्रशासन ने मदद की है, मगर यह नाकाफी है। पीड़ित परिवार सरकार से घर बनाने की गुहार लगा रहे हैं।