{"_id":"6891ff1c30d8d2cf660e40e6","slug":"red-juicy-tomatoes-started-bursting-in-the-fields-due-to-heavy-rain-kullu-news-c-89-1-ssml1012-153958-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: भारी बारिश से खेतों में फटने लगा लाल रसीला टमाटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: भारी बारिश से खेतों में फटने लगा लाल रसीला टमाटर
Wed, 06 Aug 2025 06:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 06 Aug 2025 06:24 AM IST
विज्ञापन
खराहल (कुल्लू)। जिला कुल्लू में इन दिनों टमाटर की फसल तैयार हो गई है। किसानों को मंडियों में टमाटर का उम्दा रेट मिल रहा है लेकिन लगातार बारिश के कारण टमाटर खेतों में ही फटने लगा है। लेट ब्लाइट बीमारी के कारण टमाटर की 55 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है और हजारों किसानों में मायूसी है। टमाटर की फसल में बीमारी लगने से किसानों को मंडियों में उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। टमाटर फटने से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जिले में लगभग 1,500 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर का उत्पादन हो रहा है। रोग के कारण टमाटर के पत्तों पर काले धब्बे पड़े रहे हैं और कुछ समय के बाद पूरा पौधा ही सूख जा रहा है। खेतों में अधिक नमी होने के कारण रोग तेजी से बढ़ता है, पत्तियां झुलस जाती है और टमाटर बीच से फट जाता है। घाटी के टमाटर उत्पादक अमित कुमार, जय चंद व कर्मचंद आदि ने कहा कि टमाटर के खेतों में लेट ब्लाइट रोग का कहर बरपा है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक सुशील शर्मा ने कहा कि अत्यधिक नमी के कारण रोग फैल रहा है। रोग के निजात के खेतों की सफाई रखें और रोगग्रस्त पौधों को नष्ट करें। मैन्कोजैब या कैप्टान दवा 25 ग्राम 10 लीटर पानी में घोल कर पौधों पर छिड़काव करें। 8-10 दिन के बाद 30 ग्राम कापर आक्सीक्लोराइड दवा 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।
विज्ञापन
इस बार अधिक बारिश होने से टमाटर फट गया है जिसकी वजह से किसानों को मुनासिब दाम मंडियों में नहीं मिल रहे हैं। टमाटर को सब्जी मंडी में अच्छा रेट मिल रहा है लेकिन रोग की चपेट में आने से फसल को भारी नुकसान हुआ है।
-ज्ञान ठाकुर, किसान
लगातार बारिश के चलते नकदी फसल टमाटर को खासा नुकसान हो रहा है। लेट ब्लाइट बीमारी से फसल बर्बाद हो रही है। इसके कारण खेतों में करीब 55 फीसदी फसल तबाह हो गई है। टमाटर फटने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
-प्रताप पठानिया, किसान
विज्ञापन
जिले में लगभग 1,500 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर का उत्पादन हो रहा है। रोग के कारण टमाटर के पत्तों पर काले धब्बे पड़े रहे हैं और कुछ समय के बाद पूरा पौधा ही सूख जा रहा है। खेतों में अधिक नमी होने के कारण रोग तेजी से बढ़ता है, पत्तियां झुलस जाती है और टमाटर बीच से फट जाता है। घाटी के टमाटर उत्पादक अमित कुमार, जय चंद व कर्मचंद आदि ने कहा कि टमाटर के खेतों में लेट ब्लाइट रोग का कहर बरपा है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के उपनिदेशक सुशील शर्मा ने कहा कि अत्यधिक नमी के कारण रोग फैल रहा है। रोग के निजात के खेतों की सफाई रखें और रोगग्रस्त पौधों को नष्ट करें। मैन्कोजैब या कैप्टान दवा 25 ग्राम 10 लीटर पानी में घोल कर पौधों पर छिड़काव करें। 8-10 दिन के बाद 30 ग्राम कापर आक्सीक्लोराइड दवा 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।
विज्ञापन
इस बार अधिक बारिश होने से टमाटर फट गया है जिसकी वजह से किसानों को मुनासिब दाम मंडियों में नहीं मिल रहे हैं। टमाटर को सब्जी मंडी में अच्छा रेट मिल रहा है लेकिन रोग की चपेट में आने से फसल को भारी नुकसान हुआ है।
-ज्ञान ठाकुर, किसान
लगातार बारिश के चलते नकदी फसल टमाटर को खासा नुकसान हो रहा है। लेट ब्लाइट बीमारी से फसल बर्बाद हो रही है। इसके कारण खेतों में करीब 55 फीसदी फसल तबाह हो गई है। टमाटर फटने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
-प्रताप पठानिया, किसान