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Kullu News: दुकानों में राशन खत्म, अब 17 किमी
Wed, 26 Jul 2023 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 26 Jul 2023 10:35 PM IST
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कुल्लू। जिले की दुर्गम ग्राम पंचायत बरशैणी और ग्राहण गांव में आपदा से हालात मुश्किल बने हुए हैं। पंचायत बरशैणी की दुकानों में आटा, चावल और अन्य सामान खत्म हो गया है।
ग्रामीण 10 से 17 किलोमीटर पैदल चल कर मणिकर्ण से पीठ पर राशन ढोने को मजबूर हैं। बरशैणी पंचायत के बरशैणी, तोष, कालगा, पुलगा में दूरसंचार सेवाएं ठप हैं। संपर्क सड़कें भी बंद हैं। लोगों को आटा, दाल, चावल और अन्य सामान के लिए मणिकर्ण पहुंचना पड़ रहा है। पैदल रास्ते भी जगह-जगह से टूटे पड़े हैं और बरसात होने से भूस्खलन का खतरा बना है।
यही हाल ग्राहण गांव का है। यहां के करीब 60 परिवारों को गुजर बसर करना चुनौती बन गया है। लोग क्षतिग्रस्त रास्तों से 10 किमी दूर कसोल पहुंचने को मजबूर हैं। यहां को जोड़ने वाली जीप योग्य सड़क के साथ नाले पर बना लकड़ी का पुल भी टूट गया है।
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बरशैणी पंचायत के पूर्व प्रधान जयराम, पूर्व उप प्रधान चुनी लाल तथा उपप्रधान लुदर चंद ने कहा कि पंचायतों की दुकानों में आटा, चावल और अन्य राशन खत्म हो गया है। इससे लोग परेशान हैं। बीमार लोगों को पीठ पर उठाकर मणिकर्ण पहुंचना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से घाटी के जनजीवन को पटरी पर लाने की मांग की।
उधर ग्राहण गांव के चांद युवा मंडल के प्रधान बलदेव सिंह, ओम प्रकाश, महिंदर सिंह, गोपी चंद, पवन, देवी सिंह, राम प्रकाश, श्याम लाल, घनश्याम, शर्मिला देवी व निशा देवी ने कहा कि गांव का रास्ता क्षतिग्रस्त है। रास्ता इतना खराब है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा है। लोगों के पास राशन की कमी हो रही है और गांव के लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। उन्होंने भी प्रशासन से बिजली, सड़क और दूरसंचार सेवा को बहाल करने करने की मांग की है।
पार्वती घाटी की बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है। नुकसान अधिक हुआ है, ऐसे में बहाल करने में कुछ समय लग रहा है।
-विकास शुक्ला, एसडीएम, कुल्लू
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ग्रामीण 10 से 17 किलोमीटर पैदल चल कर मणिकर्ण से पीठ पर राशन ढोने को मजबूर हैं। बरशैणी पंचायत के बरशैणी, तोष, कालगा, पुलगा में दूरसंचार सेवाएं ठप हैं। संपर्क सड़कें भी बंद हैं। लोगों को आटा, दाल, चावल और अन्य सामान के लिए मणिकर्ण पहुंचना पड़ रहा है। पैदल रास्ते भी जगह-जगह से टूटे पड़े हैं और बरसात होने से भूस्खलन का खतरा बना है।
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यही हाल ग्राहण गांव का है। यहां के करीब 60 परिवारों को गुजर बसर करना चुनौती बन गया है। लोग क्षतिग्रस्त रास्तों से 10 किमी दूर कसोल पहुंचने को मजबूर हैं। यहां को जोड़ने वाली जीप योग्य सड़क के साथ नाले पर बना लकड़ी का पुल भी टूट गया है।
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बरशैणी पंचायत के पूर्व प्रधान जयराम, पूर्व उप प्रधान चुनी लाल तथा उपप्रधान लुदर चंद ने कहा कि पंचायतों की दुकानों में आटा, चावल और अन्य राशन खत्म हो गया है। इससे लोग परेशान हैं। बीमार लोगों को पीठ पर उठाकर मणिकर्ण पहुंचना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से घाटी के जनजीवन को पटरी पर लाने की मांग की।
उधर ग्राहण गांव के चांद युवा मंडल के प्रधान बलदेव सिंह, ओम प्रकाश, महिंदर सिंह, गोपी चंद, पवन, देवी सिंह, राम प्रकाश, श्याम लाल, घनश्याम, शर्मिला देवी व निशा देवी ने कहा कि गांव का रास्ता क्षतिग्रस्त है। रास्ता इतना खराब है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा है। लोगों के पास राशन की कमी हो रही है और गांव के लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। उन्होंने भी प्रशासन से बिजली, सड़क और दूरसंचार सेवा को बहाल करने करने की मांग की है।
पार्वती घाटी की बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है। नुकसान अधिक हुआ है, ऐसे में बहाल करने में कुछ समय लग रहा है।
-विकास शुक्ला, एसडीएम, कुल्लू