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Kullu News: लाहौल की हर पंचायत में लगेंगे वर्षा मापी यंत्र, फसलों के नुकसान का हो पाएगा सही आकलन
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केलांग (लाहौल- स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के हर पंचायतों में रेन गेज यंत्र लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस बारे में कृषि विभाग को पत्र जारी कर आदेश दिए हैं। जिले में कई बार बारिश का सही आंकड़ा नहीं मिल पाता है। इस कारण किसानों की फसलों को बारिश से हुए नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाता और उन्हें मुआवजा भी उचित नहीं मिल पाता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह यंत्र फैसला किया है। रेन गेज वर्षा मापने का यंत्र है, जिसमें कम या ज्यादा दोनों तरह की वर्षा का स्टीक अनुमान लगेगा। इसे घाटी के किसान-बागवानों को सुविधा मिलेगी और यंत्र के माध्यम से पता कर सकेंगे की क्षेत्र में कितनी बारिश हुई। लाहौल कृषि विभाग ने बुधवार को इस बावत पत्र मिलते ही बीडीओ लाहौल को भी पत्र प्रेषित किया है। जिसे घाटी के समस्त पंचायत प्रधानों को भी इस बारे जानकारी मिल सके।
प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में भी बारिश के कारण होने वाली समस्याओं से निजात दिलाने के लिए वर्षा मापी यंत्र लगाने का फैसला लिया है। कृषि विभाग के अधिकारी बताते हैं कि वर्षा मापी यंत्र यह बताता है कि एक निश्चित समय में कितनी वर्षा हुई है। जिसमें अधिकतर वर्षा मापी यंत्र में वर्षा मिलीमीटर में ही मापी जाती है।
जिला कृषि अधिकारी गगन प्रदीप ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें हर पंचायतों में वर्षा मापी यंत्र लगाने का पत्र मिला है। कृषि विभाग अब सरकार के आदेशानुसार घाटी की प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्षा मापी यंत्र स्थापित करेगा। उन्होंने सभी पंचायतों से आग्रह किया है कि वे जगह चिह्वित कर इस बारे में विभाग को अवगत करवाएं।
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प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में भी बारिश के कारण होने वाली समस्याओं से निजात दिलाने के लिए वर्षा मापी यंत्र लगाने का फैसला लिया है। कृषि विभाग के अधिकारी बताते हैं कि वर्षा मापी यंत्र यह बताता है कि एक निश्चित समय में कितनी वर्षा हुई है। जिसमें अधिकतर वर्षा मापी यंत्र में वर्षा मिलीमीटर में ही मापी जाती है।
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जिला कृषि अधिकारी गगन प्रदीप ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें हर पंचायतों में वर्षा मापी यंत्र लगाने का पत्र मिला है। कृषि विभाग अब सरकार के आदेशानुसार घाटी की प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्षा मापी यंत्र स्थापित करेगा। उन्होंने सभी पंचायतों से आग्रह किया है कि वे जगह चिह्वित कर इस बारे में विभाग को अवगत करवाएं।
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