{"_id":"6301220ca3d15b092f31d255","slug":"rain-landslide-affected-43-routes-of-hrtc-kullu-news-sml4189677153","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश-भूस्खलन ने एचआरटीसी के 43 रूट प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश-भूस्खलन ने एचआरटीसी के 43 रूट प्रभावित
विज्ञापन
सैंज-कटाह-शैंशर मार्ग पर बारिश के कारण आए मलबे को हटाने में जुटे ग्रामीण।-संवाद
- फोटो : Kullu
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू। भारी बारिश से हुए भूस्खलन के कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू डिपो के 43 रूट प्रभावित रहे। मनाली-चड़ीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के नौ मील और हणोगी में बाधित रहने से निगम के 23 लंबे रूट प्रभावित हुए।
कुल्लू से चड़ीगढ़, दिल्ली, हरिद्वार, मलेरकोटला, लुधियाना, पठानकोट, शिमला, धर्मशाला, बागीपुल आदि रूटों पर चलने वाली बसें दोनों ओर से फंसी रहीं। भूस्खलन से सड़क बंद होने के बाद निगम ने इन रूटों को दौड़ने वाली वोल्वो, एसी और साधारण बसों का संचालन नहीं किया।
जिले के भीतर बारिश और भूस्खलन के कारण 20 रूटों पर निगम की बसें फंसी रहीं। इसके कारण इन रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पाया है। बसों का संचालन न होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। आवश्यक कामकाज निपटाने के लिए लोगों को कई मील का सफर पैदल तय करना पड़ा है। इसके अलावा लंबे रूटों की बसें फंसीं रहने से भी सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
विज्ञापन
जिला में बरशैणी, मणिकर्ण, पिणी, छमाहण, बालू, बाराहार, ज्वालापुर, कमांद, थाची, कोटला, बाहु, गाड़ागुशैणी, टील, शरची, गुलहारधार, खणी, मनिहार, खोड़ाआगे, कटोला-मंडी आदि रूटों पर बसों के पहिये थमे रहे।
इस संबंध में कुल्लू डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि खराब मौसम और भूस्खलन के कारण निगम के 40 से अधिक लंबे और लोकल रूट प्रभावित हुए हैं।
विज्ञापन
कुल्लू से चड़ीगढ़, दिल्ली, हरिद्वार, मलेरकोटला, लुधियाना, पठानकोट, शिमला, धर्मशाला, बागीपुल आदि रूटों पर चलने वाली बसें दोनों ओर से फंसी रहीं। भूस्खलन से सड़क बंद होने के बाद निगम ने इन रूटों को दौड़ने वाली वोल्वो, एसी और साधारण बसों का संचालन नहीं किया।
विज्ञापन
जिले के भीतर बारिश और भूस्खलन के कारण 20 रूटों पर निगम की बसें फंसी रहीं। इसके कारण इन रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पाया है। बसों का संचालन न होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। आवश्यक कामकाज निपटाने के लिए लोगों को कई मील का सफर पैदल तय करना पड़ा है। इसके अलावा लंबे रूटों की बसें फंसीं रहने से भी सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
विज्ञापन
जिला में बरशैणी, मणिकर्ण, पिणी, छमाहण, बालू, बाराहार, ज्वालापुर, कमांद, थाची, कोटला, बाहु, गाड़ागुशैणी, टील, शरची, गुलहारधार, खणी, मनिहार, खोड़ाआगे, कटोला-मंडी आदि रूटों पर बसों के पहिये थमे रहे।
इस संबंध में कुल्लू डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि खराब मौसम और भूस्खलन के कारण निगम के 40 से अधिक लंबे और लोकल रूट प्रभावित हुए हैं।

सैंज घाटी के तलाड़ा के समीप पहाड़ी से गिरी चट्टानों से क्षतिग्रस्त हुआ मकान।-संवाद- फोटो : Kullu

भुंतर-मणिकर्ण रोड़ पर भारी बारिश से चोज के समीप आए मलबे को हटाने में जुटे जेसीबी।-संवाद- फोटो : Kullu