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Kullu News: पेशेवरों ने सीखी भूकंपरोधी भवन के निर्माण तकनीक
Sun, 09 Feb 2025 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 09 Feb 2025 10:06 PM IST
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राजकीय बहुुतकनीकी संस्थान सेउबाग में भूकंप रोधी भवन निर्माण की तकनीक सिखते पेशेवर मिस्त्री, बढ़
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बहुतकनीकी संस्थान कुल्लू में लिया छह दिन का प्रशिक्षण
आपदा प्रबंधन ने करवाई क्षमता विकास कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। विकास खंड कुल्लू के पेशवर मिस्त्रियों, बढ़ई और बार बाइंडर्स ने भूकंप रोधी भवन बनाने की तकनीक सीखी। इसके लिए आपदा प्रबंधन ने विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला करवाई। छह दिन तक चली विशेष क्षमता विकास कार्यशाला में 22 पेशेवर व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में हुई।
इंजीनियर लोकेश शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि कैसे भवनों को विभिन्न भूकंपीय क्षेत्रों में सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने मिस्त्रियों, बढ़ई और बार बाइंडर्स को भूकंप के दौरान संरचनाओं के विभिन्न भागों को मजबूत बनाने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान पेशेवरों को विशेष रूप से संरचनात्मक डिजाइन, सामग्री का चयन और निर्माण प्रक्रिया में ध्यान रखने वाली प्रमुख बातें बताई गईं। कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य जिले के निर्माण कार्यों में भूकंप के प्रभाव को कम करने के लिए तकनीकी जानकारी और कौशल देना रहा। इसमें 22 पेशेवरों को भवन निर्माण के दौरान भूकंप प्रतिरोधी संरचनाओं को बनाने के लिए नवीनतम और उन्नत विधियां सिखाई गईं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षण समन्वयक राकेश ने कहा कि कार्यशाला जिले में आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ भूकंप के दौरान जानमाल के नुकसान को भी कम करेगा।
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आपदा प्रबंधन ने करवाई क्षमता विकास कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। विकास खंड कुल्लू के पेशवर मिस्त्रियों, बढ़ई और बार बाइंडर्स ने भूकंप रोधी भवन बनाने की तकनीक सीखी। इसके लिए आपदा प्रबंधन ने विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला करवाई। छह दिन तक चली विशेष क्षमता विकास कार्यशाला में 22 पेशेवर व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में हुई।
इंजीनियर लोकेश शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि कैसे भवनों को विभिन्न भूकंपीय क्षेत्रों में सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने मिस्त्रियों, बढ़ई और बार बाइंडर्स को भूकंप के दौरान संरचनाओं के विभिन्न भागों को मजबूत बनाने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान पेशेवरों को विशेष रूप से संरचनात्मक डिजाइन, सामग्री का चयन और निर्माण प्रक्रिया में ध्यान रखने वाली प्रमुख बातें बताई गईं। कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य जिले के निर्माण कार्यों में भूकंप के प्रभाव को कम करने के लिए तकनीकी जानकारी और कौशल देना रहा। इसमें 22 पेशेवरों को भवन निर्माण के दौरान भूकंप प्रतिरोधी संरचनाओं को बनाने के लिए नवीनतम और उन्नत विधियां सिखाई गईं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षण समन्वयक राकेश ने कहा कि कार्यशाला जिले में आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ भूकंप के दौरान जानमाल के नुकसान को भी कम करेगा।
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