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Kullu News: भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर गड्ढे कर रहे सैलानियों का स्वागत
Wed, 26 Mar 2025 04:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 26 Mar 2025 04:53 AM IST
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भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर गड्ढे कर रहे सैलानियों का स्वागत
आपदा के 21 महीने बाद भी नहीं सुधरी दशा, भूस्खलन से धंस गई थी सड़क
न तारकोल बिछा और न ही सड़क के निचले हिस्से में डंगे लगा पाया विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण भुंतर-मणिकर्ण सड़क की दशा आपदा के 21 महीनों बाद भी नहीं सुधरी है। भुंतर से लेकर मणिकर्ण तक कई जगह सड़क की हालत खराब है।
छरोड़नाला के समीप भूस्खलन से धंसी सड़क की अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई है। सरसाड़ी, छन्नीखोड़ के बीच भी दो तीन पॉइंट में यही हाल है। जरी से मणिकर्ण तक कई जगह गड्ढे पड़े हैं। पार्वती नदी में बाढ़ के बाद भूस्खलन के कारण यह सड़क कई जगह धंस गई है। यहां अभी तक न तो तारकोल बिछा है और न ही सड़क के निचले हिस्से में डंगे लगाए हैं। सड़क की खस्ताहाल को लेकर मणिकर्ण घाटी की एक दर्जन पंचायतों की हजारों की आबादी परेशान है। खास बात यह है कि भुंतर-मणिकर्ण सड़क से ही प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक भी सफर करते हैं। सड़क की दशा से पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मणिकर्ण घाटी में कसोल एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां साल भर विदेशी पर्यटक आते हैं। साथ ही धार्मिक नगरी मणिकर्ण में गर्म पानी के चश्मों में तीर्थ स्थान के लिए श्रद्धालु आते हैं।
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-- सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को क्रमवार ठीक किया जा रहा है। अप्रैल तक सड़क को चकाचक कर दिया जाएगा। सड़क में पर्यटन सीजन से पहले पैचवर्क भी किया जाएगा। - गोविंद ठाकुर, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग शाट
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पर्यटन सीजन से पहले सुधारें सड़क की दशा
मध्य अप्रैल से कुल्लू में लगभग पर्यटन सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले पर्यटन कारोबारी सड़क की दशा सुधारने की मांग कर रहे हैं। पर्यटन कारोबारी शेर सिंह ने कहा कि पर्यटन सीजन से पहले सड़क को चकाचक किया जाए। पर्यटन सीजन के दौरान भी सड़क की हालत ऐसी रही तो कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
-- आपदा के बाद सरकार ने दिए थे 38 करोड़
जुलाई 2023 की आपदा आने के बाद केंद्र सरकार ने भुंतर-मणिकर्ण सड़क के लिए 38 करोड़ की राशि जारी की थी। भुंतर से लेकर मणिकर्ण तक सड़क को भारी क्षति पहुंची थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क में जगह-जगह काम किया गया, लेकिन पूरी तरह से चकाचक नहीं हो पाई।
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आपदा के 21 महीने बाद भी नहीं सुधरी दशा, भूस्खलन से धंस गई थी सड़क
न तारकोल बिछा और न ही सड़क के निचले हिस्से में डंगे लगा पाया विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण भुंतर-मणिकर्ण सड़क की दशा आपदा के 21 महीनों बाद भी नहीं सुधरी है। भुंतर से लेकर मणिकर्ण तक कई जगह सड़क की हालत खराब है।
छरोड़नाला के समीप भूस्खलन से धंसी सड़क की अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई है। सरसाड़ी, छन्नीखोड़ के बीच भी दो तीन पॉइंट में यही हाल है। जरी से मणिकर्ण तक कई जगह गड्ढे पड़े हैं। पार्वती नदी में बाढ़ के बाद भूस्खलन के कारण यह सड़क कई जगह धंस गई है। यहां अभी तक न तो तारकोल बिछा है और न ही सड़क के निचले हिस्से में डंगे लगाए हैं। सड़क की खस्ताहाल को लेकर मणिकर्ण घाटी की एक दर्जन पंचायतों की हजारों की आबादी परेशान है। खास बात यह है कि भुंतर-मणिकर्ण सड़क से ही प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक भी सफर करते हैं। सड़क की दशा से पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मणिकर्ण घाटी में कसोल एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां साल भर विदेशी पर्यटक आते हैं। साथ ही धार्मिक नगरी मणिकर्ण में गर्म पानी के चश्मों में तीर्थ स्थान के लिए श्रद्धालु आते हैं।
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पर्यटन सीजन से पहले सुधारें सड़क की दशा
मध्य अप्रैल से कुल्लू में लगभग पर्यटन सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले पर्यटन कारोबारी सड़क की दशा सुधारने की मांग कर रहे हैं। पर्यटन कारोबारी शेर सिंह ने कहा कि पर्यटन सीजन से पहले सड़क को चकाचक किया जाए। पर्यटन सीजन के दौरान भी सड़क की हालत ऐसी रही तो कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
जुलाई 2023 की आपदा आने के बाद केंद्र सरकार ने भुंतर-मणिकर्ण सड़क के लिए 38 करोड़ की राशि जारी की थी। भुंतर से लेकर मणिकर्ण तक सड़क को भारी क्षति पहुंची थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क में जगह-जगह काम किया गया, लेकिन पूरी तरह से चकाचक नहीं हो पाई।