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Kullu News: पैदल चढ़ाई चढ़ कर शाक्टी, रशोल पहुंचेंगी पोलिंग पार्टियां
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आठ से 18 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ेगा, ईवीएम भी होंगी साथ
चुनाव के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने कर ली हैं पूरी तैयारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लोकसभा चुनाव के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने तैयारियां पूरी कर दी हैं। बुधवार से पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो जाएंगी। जिले में कई ऐसे पोलिंग बूथ हैं जहां पर पोलिंग पार्टियों को पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
कुल्लू विधानसभा क्षेत्र में मणिकर्ण घाटी के रशोल मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टी को आठ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ेगी। ईवीएम, वीवीपैट मशीनों को कंधे पर उठाकर रशोल पहुंचना होगा। सैंज घाटी में सबसे दुर्गम मतदान केंद्र शाक्टी है। शाक्टी पहुंचने के लिए कम से करीब 18 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। इस सफर को तय करने में तीन से चार घंटे का समय लगेगा। मलाणा गांव तक पहुंचने के लिए भी पोलिंग पार्टी को पैदल ही सफर करना होगा। इसके साथ ही जिले में और भी कई मतदान केंद्र हैं जहां पर पोलिंग पार्टियों को पैदल ही पहुंचना होगा। दुर्गम मतदान केंद्रों में मतदान करवाना आसान नहीं होता है।
इसके बावजूद चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों ने आज तक अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों आनी, बंजार, कुल्लू और मनाली में मतदान के लिए कुल 575 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें तीन अति संवेदनशील मतदान केंद्र हैं। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि पोलिंग पार्टियाें को पूर्वाभ्यास के दौरान उनकी ड्यूटी के बारे में अवगत करवाया गया है। संवाद
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चुनाव के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने कर ली हैं पूरी तैयारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लोकसभा चुनाव के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने तैयारियां पूरी कर दी हैं। बुधवार से पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो जाएंगी। जिले में कई ऐसे पोलिंग बूथ हैं जहां पर पोलिंग पार्टियों को पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
कुल्लू विधानसभा क्षेत्र में मणिकर्ण घाटी के रशोल मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टी को आठ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ेगी। ईवीएम, वीवीपैट मशीनों को कंधे पर उठाकर रशोल पहुंचना होगा। सैंज घाटी में सबसे दुर्गम मतदान केंद्र शाक्टी है। शाक्टी पहुंचने के लिए कम से करीब 18 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। इस सफर को तय करने में तीन से चार घंटे का समय लगेगा। मलाणा गांव तक पहुंचने के लिए भी पोलिंग पार्टी को पैदल ही सफर करना होगा। इसके साथ ही जिले में और भी कई मतदान केंद्र हैं जहां पर पोलिंग पार्टियों को पैदल ही पहुंचना होगा। दुर्गम मतदान केंद्रों में मतदान करवाना आसान नहीं होता है।
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इसके बावजूद चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों ने आज तक अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों आनी, बंजार, कुल्लू और मनाली में मतदान के लिए कुल 575 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें तीन अति संवेदनशील मतदान केंद्र हैं। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि पोलिंग पार्टियाें को पूर्वाभ्यास के दौरान उनकी ड्यूटी के बारे में अवगत करवाया गया है। संवाद
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