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Kullu News: रघुनाथपुर में देव परंपरा का निर्वहन कर जलाई फाग
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कुल्लू में होली उत्सव के दौरान भगवान रघुनाथ फाग के दौरान परिक्रमा करते हुए।-संवाद
कुल्लू। भगवान रघुनाथ की स्थली रघुनाथपुर में बुधवार रात को फाग उत्सव मनाया गया। यहां पर देव परंपरा के तहत फाग जलाई गई। यह कार्यक्रम रात 10 बजे के बाद किया गया।
हालांकि इससे पहले हर बार 6 और 7 बजे शाम तक इस परंपरा को निभाया जाता है। इस बार दोपहर 3:20 से शाम 6:50 तक चंद्र ग्रहण होने के चलते यह फाग उत्सव 9 बजे के बाद शुरू हुआ। चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद पहले मंदिर का शुद्धिकरण किया गया। उसके बाद रघुनाथ मंदिर में पूजा की गई।
भगवान रघुनाथ को पालकी में सवार कर राजा रूपी पैलेस तक लाया गया। यहां दो स्थानीय देवताओं ने भी ढोल नगाड़ों की थाप पर पहले मंदिर पहुंचकर हाजिरी भरी और उसके बाद फाग उत्सव में शिरकत की। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भगवान रघुनाथ के समक्ष माथा टेका और फाग जलाने के बाद अपने-अपने घरों के लिए यहां से जलती लकड़ी ले गए। माना जाता है कि जलती लकड़ी ले जाने से सुख समृद्धि होती है। कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार चंद्रग्रहण के कारण भगवान रघुनाथ के मंदिर को चार घंटे तक बंद रखा गया। संवाद
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हालांकि इससे पहले हर बार 6 और 7 बजे शाम तक इस परंपरा को निभाया जाता है। इस बार दोपहर 3:20 से शाम 6:50 तक चंद्र ग्रहण होने के चलते यह फाग उत्सव 9 बजे के बाद शुरू हुआ। चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद पहले मंदिर का शुद्धिकरण किया गया। उसके बाद रघुनाथ मंदिर में पूजा की गई।
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भगवान रघुनाथ को पालकी में सवार कर राजा रूपी पैलेस तक लाया गया। यहां दो स्थानीय देवताओं ने भी ढोल नगाड़ों की थाप पर पहले मंदिर पहुंचकर हाजिरी भरी और उसके बाद फाग उत्सव में शिरकत की। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भगवान रघुनाथ के समक्ष माथा टेका और फाग जलाने के बाद अपने-अपने घरों के लिए यहां से जलती लकड़ी ले गए। माना जाता है कि जलती लकड़ी ले जाने से सुख समृद्धि होती है। कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार चंद्रग्रहण के कारण भगवान रघुनाथ के मंदिर को चार घंटे तक बंद रखा गया। संवाद
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