फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Patients are not being treated by Ayushman, Himcare

Kullu News: आयुष्मान, हिमकेयर से नहीं हो रहा मरीजों का उपचार

Sun, 29 Dec 2024 10:28 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sun, 29 Dec 2024 10:28 PM IST
विज्ञापन
Patients are not being treated by Ayushman, Himcare
आयुष अस्पतालों में नहीं मिल रही किसी तरह की सुविधा
विज्ञापन

आयुष छोड़ एलोपैथिक इलाज करवाने को मरीज मजबूर
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले के आयुष अस्पतालों में आयुष्मान और हिमकेयर योजना के तहत उपचार नहीं हो रहा है। दोनों योजनाओं को शुरू हुए छह साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन जिला आयुष अस्पताल कुल्लू और कटराईं में योजनाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पाया है।
इस कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को आयुष को छोड़कर एलोपैथिक पद्धति से उपचार करवाना पड़ रहा है। जिले में आयुष्मान और हिमकेयर योजना के लिए सरकारी और निजी 24 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें नौ अस्पताल सरकारी हैं। इनमें भी दो अस्पताल आयुष विभाग के हैं। आयुष विभाग के दोनों अस्पतालों में मरीजों को आयुष्मान और हिमकेयर की सुविधा नहीं मिल रही है।
विज्ञापन

जिला आयुष अस्पताल में योजनाओं के शुरुआती दौर में मरीजों को लाभ मिला था, लेकिन कटराईं अस्पताल में योजनाएं शुरू ही नहीं हो पाई हैं। इस कारण आयुष पद्धति से उपचार करवाने वाले मरीज निराश हैं। आयुष विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों अस्पतालों में डाटा एंट्री ऑपरेटर नहीं हैं। इस वजह से अस्पतालों में आयुष्मान और हिमकेयर योजनाएं शुरू करने में परेशानी आ रही है। उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. सोनिया दुग्गल ने कहा कि आयुष्मान और हिमकेयर सुविधा शुरू करने के लिए निदेशालय से डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया गया है। अनुमति मिलते ही जिला आयुष अस्पताल और कटराईं अस्पताल में योजनाओं के तहत मरीजों का उपचार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
उपायुक्त ने दिए थे आरकेएस से भर्ती के निर्देश
जिला आयुष अस्पताल और कटराईं अस्पताल में मरीजों को आयुष्मान और हिमकेयर योजना का लाभ मिले, इसके लिए साल 2021 में तत्कालीन उपायुक्त ने आयुष विभाग को रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत आउटसोर्स पर डाटा एंट्री ऑपरेटर नियुक्त करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके विभाग मरीजों को सुविधा देने की दिशा में कार्य नहीं कर पाया है। विभागीय लेटलतीफी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed