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Kullu News: मनाली में हाउस टैक्स, गारबेज शुल्क में वृद्धि का विरोध किया
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मनाली। शहर में हाउस टैक्स और गारबेज शुल्क में की गई बढ़ोतरी का विरोध शुरू हो गया है। मनाली डेवलपमेंट काउंसिल (एमडीसी), व्यापार मंडल मनाली, लाइफ लाइन एनजीओ और मनाली होटलियर्स एसोसिएशन ने संयुक्त बयान जारी कर नगर परिषद की ओर से बढ़ाए गए टैक्स और गारबेज शुल्क का विरोध किया है।
संगठनों ने प्रदेश सरकार और नगर परिषद मनाली से इन दरों पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है।
एमडीसी के मुख्य संरक्षक गौतम ठाकुर, एमडीसी अध्यक्ष संजीव ठाकुर, लाइफ लाइन एनजीओ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी तथा मनाली होटलियर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि मनाली के नागरिकों, दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पहले से ही विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क का आर्थिक बोझ है। ऐसे में हाउस टैक्स में कई गुना वृद्धि और गारबेज फीस में अत्यधिक बढ़ोतरी जनहित में उचित नहीं है।
एमडीसी के मुख्य संरक्षक गौतम ठाकुर ने कहा कि करों में वृद्धि का विरोध करना मात्र उद्देश्य नहीं है। नगर परिषद की ओर से कर और शुल्क निर्धारित करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ जनहित का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हाउस टैक्स में पांच से सात गुना तक वृद्धि आम नागरिकों और छोटे व्यवसायियों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ है। नगर परिषद को इस वृद्धि की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए।
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संगठनों ने प्रदेश सरकार और नगर परिषद मनाली से इन दरों पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है।
एमडीसी के मुख्य संरक्षक गौतम ठाकुर, एमडीसी अध्यक्ष संजीव ठाकुर, लाइफ लाइन एनजीओ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी तथा मनाली होटलियर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि मनाली के नागरिकों, दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पहले से ही विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क का आर्थिक बोझ है। ऐसे में हाउस टैक्स में कई गुना वृद्धि और गारबेज फीस में अत्यधिक बढ़ोतरी जनहित में उचित नहीं है।
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एमडीसी के मुख्य संरक्षक गौतम ठाकुर ने कहा कि करों में वृद्धि का विरोध करना मात्र उद्देश्य नहीं है। नगर परिषद की ओर से कर और शुल्क निर्धारित करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ जनहित का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हाउस टैक्स में पांच से सात गुना तक वृद्धि आम नागरिकों और छोटे व्यवसायियों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ है। नगर परिषद को इस वृद्धि की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए।