{"_id":"65d241a9da58324e0a092105","slug":"only-one-teacher-in-singhan-school-studies-affected-kullu-news-c-89-1-ssml1015-117119-2024-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: सिंहण स्कूल में एक ही शिक्षक, पढ़ाई प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: सिंहण स्कूल में एक ही शिक्षक, पढ़ाई प्रभावित
Sun, 18 Feb 2024 11:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 18 Feb 2024 11:13 PM IST
विज्ञापन
न्यूली (कुल्लू)। शिक्षा खंड सैंज की राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिंहण के विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। विद्यालय में वैसे तो दो अध्यापक तैनात हैं, लेकिन इनमें एक अध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर राजकीय विद्यालय मैल भेजा जा रहा है।
ऐसे में डेढ़ साल से सिंहण विद्यालय में एक ही अध्यापक अध्ययनरत 106 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बच्चों के भविष्य की चिंता अभिभावकों को सता रही है। अभिभावकों ने रविवार को स्कूल प्रबंधन समिति की आम सभा आयोजित की। इसमें अध्यापकों की कमी और बच्चों की अनदेखी का मुद्दा उछला।
अभिभावकों ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिंहण में बच्चों को एक अध्यापक पढ़ा रहे हैं जबकि दूसरे अध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर भेजा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग का यह निर्णय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियमित अध्यापक की तैनाती की मांग शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठाई गई है, लेकिन समस्या जस की तस है।
विज्ञापन
इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्ष निर्मला देवी ने कहा कि अब बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावकों ने आम सभा में फैसला लिया है कि शिक्षा मंत्री से मुलाकात की जाएगी और समस्या हल करने के लिए मांग पत्र सौंपा जाएगा। संवाद
विज्ञापन
ऐसे में डेढ़ साल से सिंहण विद्यालय में एक ही अध्यापक अध्ययनरत 106 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बच्चों के भविष्य की चिंता अभिभावकों को सता रही है। अभिभावकों ने रविवार को स्कूल प्रबंधन समिति की आम सभा आयोजित की। इसमें अध्यापकों की कमी और बच्चों की अनदेखी का मुद्दा उछला।
विज्ञापन
अभिभावकों ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिंहण में बच्चों को एक अध्यापक पढ़ा रहे हैं जबकि दूसरे अध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर भेजा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग का यह निर्णय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियमित अध्यापक की तैनाती की मांग शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठाई गई है, लेकिन समस्या जस की तस है।
विज्ञापन
इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्ष निर्मला देवी ने कहा कि अब बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावकों ने आम सभा में फैसला लिया है कि शिक्षा मंत्री से मुलाकात की जाएगी और समस्या हल करने के लिए मांग पत्र सौंपा जाएगा। संवाद