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Kullu News: लाहौल के गुस्क्यार गांव में महिलाओं के लिए स्थापित होगा वन स्टॉप सेंटर
Wed, 26 Feb 2025 07:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 26 Feb 2025 07:48 AM IST
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल के गुस्क्यार गांव (यूरनाथ पंचायत) में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र उन महिलाओं और बच्चियों के लिए आश्रय और सहायता का स्थान होगा, जो शारीरिक, मानसिक, यौन, भावनात्मक या आर्थिक शोषण का शिकार हुई हैं।
इस केंद्र में पांच दिन के अस्थायी आश्रय, चिकित्सा सुविधा, काउंसलिंग, कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली है। जिला परियोजना अधिकारी संजय कुमार डोगरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत 132.62 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। अनुमति मिलने के बाद इस केंद्र का निर्माण शुरू होगा।
हालांकि लाहौल घाटी में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले नगण्य हैं, लेकिन यह केंद्र शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मानसिक और आर्थिक शोषण झेल रही महिलाओं व 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को सहायता प्रदान करेगा। सामुदायिक केंद्र के रूप में इसका उपयोग बैठकों, कार्यशालाओं और अन्य गतिविधियों के लिए भी किया जाएगा।
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वन स्टॉप सेंटर में ये सुविधाएं मिलेंगी
पांच दिन का अस्थायी आश्रय – पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित ठहरने की सुविधा दी जाएगी।
चिकित्सा सुविधा – पीड़िताओं के लिए चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध होगा।
काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता – मानसिक आघात से उबरने के लिए विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया जाएगा।
कानूनी सहायता – महिलाओं को विधिक सहायता और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।
पुलिस डेस्क – हिंसा की शिकायत दर्ज करवाने के लिए पुलिस सहायता उपलब्ध होगी।
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इस केंद्र में पांच दिन के अस्थायी आश्रय, चिकित्सा सुविधा, काउंसलिंग, कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली है। जिला परियोजना अधिकारी संजय कुमार डोगरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत 132.62 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। अनुमति मिलने के बाद इस केंद्र का निर्माण शुरू होगा।
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हालांकि लाहौल घाटी में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले नगण्य हैं, लेकिन यह केंद्र शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मानसिक और आर्थिक शोषण झेल रही महिलाओं व 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को सहायता प्रदान करेगा। सामुदायिक केंद्र के रूप में इसका उपयोग बैठकों, कार्यशालाओं और अन्य गतिविधियों के लिए भी किया जाएगा।
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वन स्टॉप सेंटर में ये सुविधाएं मिलेंगी
पांच दिन का अस्थायी आश्रय – पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित ठहरने की सुविधा दी जाएगी।
चिकित्सा सुविधा – पीड़िताओं के लिए चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध होगा।
काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता – मानसिक आघात से उबरने के लिए विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया जाएगा।
कानूनी सहायता – महिलाओं को विधिक सहायता और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।
पुलिस डेस्क – हिंसा की शिकायत दर्ज करवाने के लिए पुलिस सहायता उपलब्ध होगी।