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Kullu News: निरक्षरों को दी जाएगी संख्यात्मक शिक्षा
Tue, 04 Feb 2025 05:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Tue, 04 Feb 2025 05:26 AM IST
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साक्षरता कार्यक्रम के लिए 400 स्वयंसेवियों को प्रशिक्षण देगा शिक्षा विभाग
कुल्लू के बाद शिक्षा खंड आनी और निरमंड में चलेगा साक्षरता कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बंजार, कुल्लू और नग्गर शिक्षा खंड में साक्षरता कार्यक्रम के बाद अब बाह्य सराज आनी और निरमंड शिक्षा खंड में भी अभियान चलेगा। इसके तहत हजारों लोगों को शिक्षा विभाग की ओर से आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके लिए पहले चरण में करीब 400 स्वयंसेवियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला स्रोत व्यक्ति हितेंद्र साहसी ने कहा कि जिला कार्यक्रम के तहत 400 स्वयंसेवियों के लिए आनी में चार से छह फरवरी तक एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद ये स्वयंसेवी अपने-अपने गांव जाकर उन नागरिकों को आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक शिक्षा प्रदान करेंगे, जो 15 वर्ष से अधिक आयु के लोग स्कूल जाने का अवसर चूक गए हैं। कहा कि 2022-2027 की अवधि के लिए एक प्रायोजित योजना उल्लास (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) को मंजूरी दी है।
इस योजना का उद्देश्य न केवल आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रदान करना है, बल्कि 21वीं सदी के नागरिक के लिए आवश्यक अन्य घटकों को भी शामिल करना है। जिसमें जीवन कौशल, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, वाणिज्यिक कौशल, स्वास्थ्य देखभाल और जागरूकता, बाल देखभाल और शिक्षा और परिवार कल्याण व्यावसायिक शामिल है। जिला स्रोत व्यक्ति हितेंद्र साहसी और घनश्याम ठाकुर ने कहा कि योजना में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को शामिल किया जाएगा।
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कुल्लू के बाद शिक्षा खंड आनी और निरमंड में चलेगा साक्षरता कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बंजार, कुल्लू और नग्गर शिक्षा खंड में साक्षरता कार्यक्रम के बाद अब बाह्य सराज आनी और निरमंड शिक्षा खंड में भी अभियान चलेगा। इसके तहत हजारों लोगों को शिक्षा विभाग की ओर से आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके लिए पहले चरण में करीब 400 स्वयंसेवियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला स्रोत व्यक्ति हितेंद्र साहसी ने कहा कि जिला कार्यक्रम के तहत 400 स्वयंसेवियों के लिए आनी में चार से छह फरवरी तक एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद ये स्वयंसेवी अपने-अपने गांव जाकर उन नागरिकों को आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक शिक्षा प्रदान करेंगे, जो 15 वर्ष से अधिक आयु के लोग स्कूल जाने का अवसर चूक गए हैं। कहा कि 2022-2027 की अवधि के लिए एक प्रायोजित योजना उल्लास (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) को मंजूरी दी है।
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इस योजना का उद्देश्य न केवल आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रदान करना है, बल्कि 21वीं सदी के नागरिक के लिए आवश्यक अन्य घटकों को भी शामिल करना है। जिसमें जीवन कौशल, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, वाणिज्यिक कौशल, स्वास्थ्य देखभाल और जागरूकता, बाल देखभाल और शिक्षा और परिवार कल्याण व्यावसायिक शामिल है। जिला स्रोत व्यक्ति हितेंद्र साहसी और घनश्याम ठाकुर ने कहा कि योजना में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को शामिल किया जाएगा।
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