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अब सारी वार्ड में भी होगा मरीजों का उपचार
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है। इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बने डेडिकेटेड कोविड स्वास्थ्य केंद्र को दो वार्डों में बांटा गया है।
कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 170 बिस्तरों का कोविड वार्ड रहेगा। इसके अलावा 30 बिस्तरों का अलग से सारी वार्ड तैयार किया गया, जहां सस्पेकटेड (संदिग्ध) मरीजों को भर्ती किया जाएगा। हालांकि इन दोनों वार्डों में मरीजों के लिए ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की उपलब्धता रहेगी। बता दें कि डेडिकेटेड कोविड स्वास्थ्य केंद्र में आठ संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। ये सभी मरीज कोविड वार्ड में ही उपचाराधीन हैं।
गौरतलब है कि सारी वार्ड में उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनमें लक्षण तो कोरोना के दिखते हैं, लेकिन उनकी सैंपल रिपोर्ट निगेटिव पाई जाती है। ऐसे में इन संदिग्ध मरीजों का आरटीपीसीआर और सीटी स्कैन कर चिकित्सक पता लगाने की कोशिश करते हैं कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं या नहीं। अगर आरटीपीसीआर और सीटी स्कैन रिपोर्ट भी निगेटिव रहती है, तो इन मरीजों को अस्पताल के सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। यह जरूर है कि रिपोर्ट पॉजिटिव रहने पर उन्हें सारी से कोविड वार्ड में भर्ती किया जाता है। इस संबंध में डीसीएचसी के प्रभारी डॉ. विकास डोगरा ने कहा कि सारी में 30 तथा कोविड वार्ड में 170 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। दोनों वार्डों में मरीजों को ऑक्सीजन पाइप लाइन बिस्तर पर ही मिलेगी। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि डीसीएचसी सभी सुविधाओं से लैस है।
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कुल्लू। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है। इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बने डेडिकेटेड कोविड स्वास्थ्य केंद्र को दो वार्डों में बांटा गया है।
कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 170 बिस्तरों का कोविड वार्ड रहेगा। इसके अलावा 30 बिस्तरों का अलग से सारी वार्ड तैयार किया गया, जहां सस्पेकटेड (संदिग्ध) मरीजों को भर्ती किया जाएगा। हालांकि इन दोनों वार्डों में मरीजों के लिए ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की उपलब्धता रहेगी। बता दें कि डेडिकेटेड कोविड स्वास्थ्य केंद्र में आठ संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। ये सभी मरीज कोविड वार्ड में ही उपचाराधीन हैं।
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गौरतलब है कि सारी वार्ड में उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनमें लक्षण तो कोरोना के दिखते हैं, लेकिन उनकी सैंपल रिपोर्ट निगेटिव पाई जाती है। ऐसे में इन संदिग्ध मरीजों का आरटीपीसीआर और सीटी स्कैन कर चिकित्सक पता लगाने की कोशिश करते हैं कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं या नहीं। अगर आरटीपीसीआर और सीटी स्कैन रिपोर्ट भी निगेटिव रहती है, तो इन मरीजों को अस्पताल के सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। यह जरूर है कि रिपोर्ट पॉजिटिव रहने पर उन्हें सारी से कोविड वार्ड में भर्ती किया जाता है। इस संबंध में डीसीएचसी के प्रभारी डॉ. विकास डोगरा ने कहा कि सारी में 30 तथा कोविड वार्ड में 170 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। दोनों वार्डों में मरीजों को ऑक्सीजन पाइप लाइन बिस्तर पर ही मिलेगी। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि डीसीएचसी सभी सुविधाओं से लैस है।
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