{"_id":"bb2233d39639b2c6b5f1c1b1485e731e","slug":"not-agree-for-speed-governor-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाड़ियों में स्पीड गवर्नर का विरोध ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाड़ियों में स्पीड गवर्नर का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Wed, 25 Nov 2015 05:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी कामर्शियल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगवाना अनिवार्य किया गया है। इसकी
विज्ञापन
अंतिम तिथि 31 मार्च 2016 तक निर्धारित की गई है। कुल्लू टैक्सी ऑपरेटर्स
यूनियन ने प्रदेश सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।
यूनियन के महासचिव हरिराम ने कहा कि यह फैसला तर्कसंगत नहीं है। उनका कहना है कि कामर्शियल वाहनों पर ही स्पीड गवर्नर लगाना क्यों अनिवार्य किया गया? स्पीड गवर्नर लगाने के बाद गाड़ी अस्सी किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अधिक नहीं दौड़ पाएगी। हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है।
यहां की भौगोलिक स्थिति तथा सड़कें ऐसी हैं, जहां गाड़ी की स्पीड अस्सी किलोमीटर से ऊपर नहीं पहुंच पाती है। यह बात मुख्यमंत्री महोदय भी भलीभांति जानते हैं। फिर भी स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य क्यों किया जा रहा है? कुल्लू टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन ने सरकार से मांग की है कि इस निर्णय को वापस लिया जाए।
यूनियन के महासचिव हरिराम ने कहा कि यह फैसला तर्कसंगत नहीं है। उनका कहना है कि कामर्शियल वाहनों पर ही स्पीड गवर्नर लगाना क्यों अनिवार्य किया गया? स्पीड गवर्नर लगाने के बाद गाड़ी अस्सी किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अधिक नहीं दौड़ पाएगी। हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है।
यहां की भौगोलिक स्थिति तथा सड़कें ऐसी हैं, जहां गाड़ी की स्पीड अस्सी किलोमीटर से ऊपर नहीं पहुंच पाती है। यह बात मुख्यमंत्री महोदय भी भलीभांति जानते हैं। फिर भी स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य क्यों किया जा रहा है? कुल्लू टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन ने सरकार से मांग की है कि इस निर्णय को वापस लिया जाए।