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Kullu News: नग्गर की इंद्रा देवी को कुल्लवी नाटी पैनल के लिए पहला इनाम
Sat, 04 Jan 2025 09:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 04 Jan 2025 09:48 PM IST
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दिल्ली में चल रहे हिम महोत्सव में मंत्री जगत सिंह ने किया सम्माानित
संवाद न्यूज एजेंसी
नग्गर (कुल्लू)। दिल्ली में चल रहे हिम महोत्सव में कुल्लू के शिल्पकार भी अपने उत्पाद लगा रहे हैं। इस दौरान हिमाचल हस्तशिल्प उत्कृष्टता पुरस्कार से नग्गर की इंद्रा देवी को कुल्लवी नाटी पैनल के लिए पहला इनाम मिला है। उन्हें दिल्ली में हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पुरस्कृत किया। कुल्लवी विम्स नामक संस्था में बुनकर इंद्रा देवी ने पहला इनाम पाया है।
कुल्लवी नाटी पैनल में हस्तनिर्मित देसी ऊन और प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर बनाया गया है। इसको दिल्ली में पहली बार पुरस्कार समारोह में प्रदर्शित किया गया। इंद्रा देवी पिछले 32 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। कहा कि कुल्लवी विम्स एक सामूहिक संगठन और ऊन आधारित शिल्प को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गद्दी समुदाय और अन्य शिल्प समूहों के साथ मिलकर काम कर इस संगठन ने देसी ऊन के उस प्राचीन शिल्प को पुनर्जीवित किया है, जो विलुप्त होने की कगार पर है। इंद्रा देवी ने कहा कि कुल्लवी विम्स संस्था के लिए यह पुरस्कार उन सभी शिल्पकारों की मेहनत का फल है। कहा कि इन पुरस्कार मिलने से उनका व उनकी अन्य सदस्यों को और भी बेहतर तरीके से बुनकर के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नग्गर (कुल्लू)। दिल्ली में चल रहे हिम महोत्सव में कुल्लू के शिल्पकार भी अपने उत्पाद लगा रहे हैं। इस दौरान हिमाचल हस्तशिल्प उत्कृष्टता पुरस्कार से नग्गर की इंद्रा देवी को कुल्लवी नाटी पैनल के लिए पहला इनाम मिला है। उन्हें दिल्ली में हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पुरस्कृत किया। कुल्लवी विम्स नामक संस्था में बुनकर इंद्रा देवी ने पहला इनाम पाया है।
कुल्लवी नाटी पैनल में हस्तनिर्मित देसी ऊन और प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर बनाया गया है। इसको दिल्ली में पहली बार पुरस्कार समारोह में प्रदर्शित किया गया। इंद्रा देवी पिछले 32 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। कहा कि कुल्लवी विम्स एक सामूहिक संगठन और ऊन आधारित शिल्प को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गद्दी समुदाय और अन्य शिल्प समूहों के साथ मिलकर काम कर इस संगठन ने देसी ऊन के उस प्राचीन शिल्प को पुनर्जीवित किया है, जो विलुप्त होने की कगार पर है। इंद्रा देवी ने कहा कि कुल्लवी विम्स संस्था के लिए यह पुरस्कार उन सभी शिल्पकारों की मेहनत का फल है। कहा कि इन पुरस्कार मिलने से उनका व उनकी अन्य सदस्यों को और भी बेहतर तरीके से बुनकर के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
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