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विधायक, एनएचपीसी और अनशनकारियों की बैठक विफल
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सैंज (कुल्लू)। रोजगार की मांग को लेकर लारजी पंचायत का क्रमिक अनशन दसवें दिन रविवार को भी जारी रहा। विगत शनिवार देर शाम बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, एनएचपीसी प्रबंधन और अनशनकारियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रहने से आंदोलन तेज होने की संभावना है।
ग्रामीणों ने बैठक में हुए समझौते का बहिष्कार करते हुए कहा है कि उन्हें झूठे प्रलोभन देकर उलझाया जा रहा है। पंचायत की प्रधान कांता महंत ने कहा उनकी एक सूत्रीय मांग पंचायत के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की है। परियोजना प्रबंधन ने विधायक सुरेंद्र शौरी, जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी, जीएम विक्रम सिंह, भाजपा मंडलाध्यक्ष बलदेव महंत, उपाध्यक्ष शेर नेगी, महासचिव ढाले राम और पंचायत के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में लारजी पंचायत के बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिए जाने का आश्वासन दिया। परियोजना के टेंडर में भी स्थानीय लोगों को पांच लाख तक के टेंडर देने और गाड़ियां लगवाने की पेशकश की। ग्रामीणों ने इस सिफारिश को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मांग रोजगार की हो रही है और उन्हें तुरंत रोजगार चाहिए। बैठक में एनएचपीसी प्रबंधन ने विधायक के समक्ष ग्रामीणों के बीच आठ माह पूर्व हुई बैठक का हवाला देते हुए अनशन तोड़ने का आग्रह किया। लेकिन ग्रामीणों ने तमाम पेशकशों को नकार कर 20 मिनट में ही बैठक का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनकी मुख्य मांग रोजगार की है। लेकिन विधायक के सामने एनएचपीसी प्रबंधन उन्हें मुख्य मुद्दे से भटकने की कोशिश कर रहा है।
प्रभावित नेता झाबे राम ने कहा कि प्रबंधकों ने आश्वासन दिया है कि सैंज घाटी के लोगों की गाड़ियां किराये पर लगाई जाएंगी। ठेके दिलवाए जाएंगे। लेकिन रोजगार की मांग पर ग्रामीणों को आश्वस्त नहीं कर पाए। बैठक के बाद लारजी पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। प्रधान कांता महंत ने कहा कि एनएचपीसी ग्रामीणों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही है। ग्रामीणों को रोजगार के अलावा कोई प्रलोभन मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह से आंदोलन तेज किया जाएगा। दसवें दिन हेम राज शर्मा, कमलजीत और अनिल कुमार अनशन पर बैठे हैं।
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संतुलित समझौते का प्रयास : सुरेंद्र
स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि लारजी पंचायत के लोगों के हित में संतुलित समझौता करने का प्रयास किया है। लेकिन ग्रामीण तुरंत रोजगार चाहते हैं। मौजूदा स्थिति में यह संभव नहीं है। 24 फरवरी को शिमला में रोजगार के मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है।
नए सिरे से हो रहा विचार : विक्रम
एनएचपीसी चरण तीन के महाप्रबंधक विक्रम सिंह ने कहा ग्रामीणों के समक्ष रोजगार का सबसे अच्छा प्रस्ताव रखा गया था। चरणबद्ध तरीके से रोजगार देने में प्रबंधन को आपत्ति नहीं है। बैठक विफल होने के बाद नए सिरे से विचार किया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने बैठक में हुए समझौते का बहिष्कार करते हुए कहा है कि उन्हें झूठे प्रलोभन देकर उलझाया जा रहा है। पंचायत की प्रधान कांता महंत ने कहा उनकी एक सूत्रीय मांग पंचायत के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की है। परियोजना प्रबंधन ने विधायक सुरेंद्र शौरी, जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी, जीएम विक्रम सिंह, भाजपा मंडलाध्यक्ष बलदेव महंत, उपाध्यक्ष शेर नेगी, महासचिव ढाले राम और पंचायत के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में लारजी पंचायत के बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिए जाने का आश्वासन दिया। परियोजना के टेंडर में भी स्थानीय लोगों को पांच लाख तक के टेंडर देने और गाड़ियां लगवाने की पेशकश की। ग्रामीणों ने इस सिफारिश को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मांग रोजगार की हो रही है और उन्हें तुरंत रोजगार चाहिए। बैठक में एनएचपीसी प्रबंधन ने विधायक के समक्ष ग्रामीणों के बीच आठ माह पूर्व हुई बैठक का हवाला देते हुए अनशन तोड़ने का आग्रह किया। लेकिन ग्रामीणों ने तमाम पेशकशों को नकार कर 20 मिनट में ही बैठक का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनकी मुख्य मांग रोजगार की है। लेकिन विधायक के सामने एनएचपीसी प्रबंधन उन्हें मुख्य मुद्दे से भटकने की कोशिश कर रहा है।
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प्रभावित नेता झाबे राम ने कहा कि प्रबंधकों ने आश्वासन दिया है कि सैंज घाटी के लोगों की गाड़ियां किराये पर लगाई जाएंगी। ठेके दिलवाए जाएंगे। लेकिन रोजगार की मांग पर ग्रामीणों को आश्वस्त नहीं कर पाए। बैठक के बाद लारजी पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। प्रधान कांता महंत ने कहा कि एनएचपीसी ग्रामीणों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही है। ग्रामीणों को रोजगार के अलावा कोई प्रलोभन मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह से आंदोलन तेज किया जाएगा। दसवें दिन हेम राज शर्मा, कमलजीत और अनिल कुमार अनशन पर बैठे हैं।
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संतुलित समझौते का प्रयास : सुरेंद्र
स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि लारजी पंचायत के लोगों के हित में संतुलित समझौता करने का प्रयास किया है। लेकिन ग्रामीण तुरंत रोजगार चाहते हैं। मौजूदा स्थिति में यह संभव नहीं है। 24 फरवरी को शिमला में रोजगार के मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है।
नए सिरे से हो रहा विचार : विक्रम
एनएचपीसी चरण तीन के महाप्रबंधक विक्रम सिंह ने कहा ग्रामीणों के समक्ष रोजगार का सबसे अच्छा प्रस्ताव रखा गया था। चरणबद्ध तरीके से रोजगार देने में प्रबंधन को आपत्ति नहीं है। बैठक विफल होने के बाद नए सिरे से विचार किया जा रहा है।