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प्रभावितों और एनएचपीसी की बैठक विफल
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सैंज (कुल्लू)। रोजगार की मांग को लेकर पार्वती चरण तीन में लारजी पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का क्रमिक अनशन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। पूर्व सांसद महेश्वर सिंह मंगलवार को अनशनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग जायज है। इस मुद्दे को वह प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
पार्वती प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक के साथ इस संबंध में प्रशासनिक भवन बिहाली में एक विशेष बैठक हुई। इसमें महेश्वर सिंह ने ग्रामीणों का पक्ष रखा। एक घंटे तक चली इस बैठक में लारजी पंचायत की प्रधान, विस्थापित नेता और एनएचपीसी के बीच खूब गहमागहमी हुई। लेकिन रोजगार को लेकर एनएचपीसी आनाकानी करता रहा। बैठक के बाद महेश्वर सिंह ने लारजी पंचायत के लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि 24 फरवरी को इस संबंध में प्रस्तावित बैठक में प्रभावितों की आवाज को जोर-शोर से उठाया जाएगा। पंचायत प्रधान कांता देवी ने कहा कि लारजी पंचायत में
एनएचपीसी का पावर हाउस, प्रशासनिक भवन, सूच आरड सब स्टेशन, सर शाफ्ट आउटफाल, ओल्ड ऑफिस आदि स्थापित हैं। इसमें लगभग 150 लोग अस्थायी तौर पर कार्य कर रहे हैं। स्थानीय पंचायत के मात्र 13 लोगों को ही रोजगार मिला है। एनएचपीसी प्रशासन व सरकार को गुमराह कर रही है कि उनके पास कोई भी वैकेंसी नहीं है। बैक डोर से बाहरी लोगों को रखा जा रहा है। कांता देवी ने कहा कि जब तक पंचायत के लोगों को न्याय नहीं मिलता है, तब तक वह अनशन स्थल पर डटे रहेंगे। अगर समय रहते सरकार व प्रशासन ने पंचायत की एक सूत्रीय मांग पर गौर नहीं फरमाया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान पूर्व प्रधान तेजा सिंह ठाकुर, चकुरठा पंचायत के उपप्रधान बलवीर ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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पार्वती प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक के साथ इस संबंध में प्रशासनिक भवन बिहाली में एक विशेष बैठक हुई। इसमें महेश्वर सिंह ने ग्रामीणों का पक्ष रखा। एक घंटे तक चली इस बैठक में लारजी पंचायत की प्रधान, विस्थापित नेता और एनएचपीसी के बीच खूब गहमागहमी हुई। लेकिन रोजगार को लेकर एनएचपीसी आनाकानी करता रहा। बैठक के बाद महेश्वर सिंह ने लारजी पंचायत के लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि 24 फरवरी को इस संबंध में प्रस्तावित बैठक में प्रभावितों की आवाज को जोर-शोर से उठाया जाएगा। पंचायत प्रधान कांता देवी ने कहा कि लारजी पंचायत में
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एनएचपीसी का पावर हाउस, प्रशासनिक भवन, सूच आरड सब स्टेशन, सर शाफ्ट आउटफाल, ओल्ड ऑफिस आदि स्थापित हैं। इसमें लगभग 150 लोग अस्थायी तौर पर कार्य कर रहे हैं। स्थानीय पंचायत के मात्र 13 लोगों को ही रोजगार मिला है। एनएचपीसी प्रशासन व सरकार को गुमराह कर रही है कि उनके पास कोई भी वैकेंसी नहीं है। बैक डोर से बाहरी लोगों को रखा जा रहा है। कांता देवी ने कहा कि जब तक पंचायत के लोगों को न्याय नहीं मिलता है, तब तक वह अनशन स्थल पर डटे रहेंगे। अगर समय रहते सरकार व प्रशासन ने पंचायत की एक सूत्रीय मांग पर गौर नहीं फरमाया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान पूर्व प्रधान तेजा सिंह ठाकुर, चकुरठा पंचायत के उपप्रधान बलवीर ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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