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Kullu News: सोने से सुसज्जित रथ पर विराजमान हुईं माता तारा भटंति
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कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के पड़ेई गांव में विराजमान क्षेत्र की आराध्य देवी माता तारा भटंति अब नए और भव्य स्वरूप में रथ पर विराजमान हो गई हैं। देवी के मोहरों और छत्रों का विधिवत पुनर्निर्माण किया गया है। इसमें पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखते हुए उन्हें अधिक आकर्षक और दिव्य रूप दिया गया है। इस धार्मिक कार्य की सबसे खास बात यह रही कि माता का मुख्य मोहरा, जो पहले चांदी का था, अब सोने से निर्मित किया गया है। इसके साथ ही माता के छत्र भी सोने से सुसज्जित किए गए हैं। इससे देवी का स्वरूप और अधिक भव्य और दिव्य दिखाई दे रहा है। यह समस्त कार्य 29 दिनों तक विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किया गया। कार्य पूर्ण होने के उपरांत भव्य प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
माता के पुजारी नीटू ने बताया कि यह कार्य माता की आज्ञा और क्षेत्र के हारियानों व श्रद्धालुओं के सहयोग से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों के बाद इस प्रकार का कार्य संपन्न हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। इस दौरान पड़ेई स्थित माता के मंदिर में माता के साथ गौतम ऋषि भी विराजमान रहे, जिससे इस धार्मिक आयोजन का महत्व और बढ़ गया।
उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठा के बाद परंपरा के अनुसार बिरशु मेला भी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने माता के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपनी मनोकामनाएं मांगीं।
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माता के पुजारी नीटू ने बताया कि यह कार्य माता की आज्ञा और क्षेत्र के हारियानों व श्रद्धालुओं के सहयोग से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों के बाद इस प्रकार का कार्य संपन्न हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। इस दौरान पड़ेई स्थित माता के मंदिर में माता के साथ गौतम ऋषि भी विराजमान रहे, जिससे इस धार्मिक आयोजन का महत्व और बढ़ गया।
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उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठा के बाद परंपरा के अनुसार बिरशु मेला भी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने माता के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपनी मनोकामनाएं मांगीं।
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