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अस्थायी डंपिंग को बंद कर बनाएं पार्क : उपायुक्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के नगर निकायों में ठोस व तरल कचरा अवशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन किया जाना चाहिए। जिले के नदी-नालों व शहरों के वैभव को बचाने के लिए नगर निकाय कड़े फैसले लें। शहरों में सड़कों के किनारे अस्थायी डंपिंग को तुरंत बंद कर इन स्थलों पर पार्क अथवा बैंच स्थापित किए जाए। यह बात उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने शुक्रवार को देव सदन में नगर परिषद कुल्लू की कचरा अवशिष्ट की समस्या से निपटने के लिए आयोजित कार्यशाला में कही।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद एक रात्रि स्क्वाड भी तैनात करे, जो नियमों का उल्लंघन करने वालों की निगरानी कर उनके चालान कर सके। कुल्लू शहर को स्वच्छता में देश के प्रथम 100 शहरों में लाने तथा प्रदेश को आदर्श शहर बनाने के लिए पार्षदों को अपने-अपने वार्ड को स्मार्ट बनाने का कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि कूड़े-कचरे का प्रबंधन प्राथमिक स्तर से इसके निष्पादन तक एक व्यवस्थित ढंग से किया जाना चाहिए। सभी नागरिक घर से ही ठोस व तरल कचरे को अलग-अलग लिफाफों में उपयुक्त छंटाई के उपरांत ही नगर परिषद के कर्मी को देने की आदत डालें। कचरा एकत्र करने वाले कर्मी अपने साथ दो कंटेनर अथवा थैले रखें और अलग-अलग कचरा लें। कचरा घरों से प्राप्त करने के बाद सीधे वाहन में डाला जाना चाहिए। इसके लिए छोटे वाहन विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध होने चाहिए। जिस मकान से कचरा उठाने के पैसे लेने में दिक्कत आती है, उस वार्ड में ऐसे लोगों की सूची को प्रदर्शित किया जाए। सड़कों अथवा नदी-नालों में कूड़ा फेंकने वालों के चालान करने की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
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कुल्लू। जिले के नगर निकायों में ठोस व तरल कचरा अवशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन किया जाना चाहिए। जिले के नदी-नालों व शहरों के वैभव को बचाने के लिए नगर निकाय कड़े फैसले लें। शहरों में सड़कों के किनारे अस्थायी डंपिंग को तुरंत बंद कर इन स्थलों पर पार्क अथवा बैंच स्थापित किए जाए। यह बात उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने शुक्रवार को देव सदन में नगर परिषद कुल्लू की कचरा अवशिष्ट की समस्या से निपटने के लिए आयोजित कार्यशाला में कही।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद एक रात्रि स्क्वाड भी तैनात करे, जो नियमों का उल्लंघन करने वालों की निगरानी कर उनके चालान कर सके। कुल्लू शहर को स्वच्छता में देश के प्रथम 100 शहरों में लाने तथा प्रदेश को आदर्श शहर बनाने के लिए पार्षदों को अपने-अपने वार्ड को स्मार्ट बनाने का कार्य करना होगा।
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उन्होंने कहा कि कूड़े-कचरे का प्रबंधन प्राथमिक स्तर से इसके निष्पादन तक एक व्यवस्थित ढंग से किया जाना चाहिए। सभी नागरिक घर से ही ठोस व तरल कचरे को अलग-अलग लिफाफों में उपयुक्त छंटाई के उपरांत ही नगर परिषद के कर्मी को देने की आदत डालें। कचरा एकत्र करने वाले कर्मी अपने साथ दो कंटेनर अथवा थैले रखें और अलग-अलग कचरा लें। कचरा घरों से प्राप्त करने के बाद सीधे वाहन में डाला जाना चाहिए। इसके लिए छोटे वाहन विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध होने चाहिए। जिस मकान से कचरा उठाने के पैसे लेने में दिक्कत आती है, उस वार्ड में ऐसे लोगों की सूची को प्रदर्शित किया जाए। सड़कों अथवा नदी-नालों में कूड़ा फेंकने वालों के चालान करने की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
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