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Kullu News: पंचकर्म से उपचार के लिए मिल रही लंबी तारीख
Sat, 28 Jun 2025 10:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 28 Jun 2025 10:53 PM IST
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आयुष अस्पताल कटराईं में उपचार के लिए मिल रही तारीख, अक्तूबर तक बुकिंग
पंचकर्म विधि से उपचार करवाने को तरजीह दे रहे कुल्लू के बाशिंदे
आयुष अस्पताल में रोजाना छह मरीजों का हो रहा पंचकर्म से उपचार
राजीव नैय्यर
कुल्लू। आयुष की पंचकर्म पद्धति से मरीजों को उपचार की सुविधा मिल रही है। जिला आयुष अस्पताल के अलावा आयुष अस्पताल कटराईं में पंचकर्म विधि से उपचार किया जा रहा है। इस पद्धति से उपचार करवाने के लिए ढाई से तीन माह की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। मरीजों की संख्या इतनी है कि अक्तूबर तक तिथि नहीं मिलेगी।
जिले में मरीज आयुष पद्धति से उपचार करवाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। आयुष अस्पताल कटराईं में पंचकर्म की सुविधा मिल रही है। मरीज भी पंचकर्म विधि से उपचार करवाने को तरजीह दे रहे हैं। ऐसे में तीन माह तक एडवांस बुकिंग चल रही है।
हालांकि, आयुष अस्पताल में रोजाना पांच से छह मरीजों का उपचार पंचकर्म विधि से हो रहा है। इस विधि से एक मरीज के उपचार में डेढ़ घंटे का समय लगता है। सात दिन तक लगातार मरीज को इस विधि से उपचार दिया जाता है। अस्पताल प्रबंधन के पास अभी करीब 70 मरीज पंजीकृत हैं। इनका उपचार पंचकर्म विधि से होना है।
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उधर, पंचकर्म आयुष विभाग के दवा निरीक्षक एवं विशेषज्ञ डॉ. मनीष सूद ने कहा कि अस्पताल में पंचकर्म की विभिन्न विधियों से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण करीब सितंबर के अंतिम सप्ताह तक बुकिंग चल रही है। मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से अस्पताल प्रबंधन को बुकिंग करनी पड़ रही है।
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आयुष अस्पताल कटराईं में पंचकर्म की सुविधा का मरीजों को लाभ मिल रहा है। अस्पताल में नियमित तौर पर पंचकर्म की सेवाएं दी जा रही हैं। पंचकर्म रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। -डॉ. नताशा, एसडीएएमओ कटराईं
-- यह हैं पंचकर्म की विधाएं
पंचकर्म की कई विधियों से मरीजों के विभिन्न रोगों का उपचार किया जाता है। इनमें स्नेह पान, अभ्यग, वाष्प स्वेदन वमन, विरेचन, अनुवासन वस्ति, निरूह वस्ति, मात्रा वस्ति, चैतरण वस्ति, कटी वस्ति, ग्रीवा वस्ति, शिरो वस्ति, पटोल पत्र स्वेदन, जमदीरा पिंड स्वेदन, शिरो धारा, नस्य कर्म, शिरो पिच्चु, शिरो तेपन आदि विधाएं पंचकर्म में शामिल हैं।
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पंचकर्म विधि से उपचार करवाने को तरजीह दे रहे कुल्लू के बाशिंदे
आयुष अस्पताल में रोजाना छह मरीजों का हो रहा पंचकर्म से उपचार
राजीव नैय्यर
कुल्लू। आयुष की पंचकर्म पद्धति से मरीजों को उपचार की सुविधा मिल रही है। जिला आयुष अस्पताल के अलावा आयुष अस्पताल कटराईं में पंचकर्म विधि से उपचार किया जा रहा है। इस पद्धति से उपचार करवाने के लिए ढाई से तीन माह की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। मरीजों की संख्या इतनी है कि अक्तूबर तक तिथि नहीं मिलेगी।
जिले में मरीज आयुष पद्धति से उपचार करवाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। आयुष अस्पताल कटराईं में पंचकर्म की सुविधा मिल रही है। मरीज भी पंचकर्म विधि से उपचार करवाने को तरजीह दे रहे हैं। ऐसे में तीन माह तक एडवांस बुकिंग चल रही है।
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हालांकि, आयुष अस्पताल में रोजाना पांच से छह मरीजों का उपचार पंचकर्म विधि से हो रहा है। इस विधि से एक मरीज के उपचार में डेढ़ घंटे का समय लगता है। सात दिन तक लगातार मरीज को इस विधि से उपचार दिया जाता है। अस्पताल प्रबंधन के पास अभी करीब 70 मरीज पंजीकृत हैं। इनका उपचार पंचकर्म विधि से होना है।
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उधर, पंचकर्म आयुष विभाग के दवा निरीक्षक एवं विशेषज्ञ डॉ. मनीष सूद ने कहा कि अस्पताल में पंचकर्म की विभिन्न विधियों से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण करीब सितंबर के अंतिम सप्ताह तक बुकिंग चल रही है। मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से अस्पताल प्रबंधन को बुकिंग करनी पड़ रही है।
आयुष अस्पताल कटराईं में पंचकर्म की सुविधा का मरीजों को लाभ मिल रहा है। अस्पताल में नियमित तौर पर पंचकर्म की सेवाएं दी जा रही हैं। पंचकर्म रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। -डॉ. नताशा, एसडीएएमओ कटराईं
पंचकर्म की कई विधियों से मरीजों के विभिन्न रोगों का उपचार किया जाता है। इनमें स्नेह पान, अभ्यग, वाष्प स्वेदन वमन, विरेचन, अनुवासन वस्ति, निरूह वस्ति, मात्रा वस्ति, चैतरण वस्ति, कटी वस्ति, ग्रीवा वस्ति, शिरो वस्ति, पटोल पत्र स्वेदन, जमदीरा पिंड स्वेदन, शिरो धारा, नस्य कर्म, शिरो पिच्चु, शिरो तेपन आदि विधाएं पंचकर्म में शामिल हैं।