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Kullu News: लोकनृत्य पर जोर, विजेता दलों की इनामी राशि बढ़ी
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कुल्लू। पश्चिमी संस्कृति की बढ़ती चमक के बीच इस बार अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में लोक संस्कृति को प्राथमिकता देने पर जोर रहेगा। उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डीजे और फिल्मी-पश्चिमी रंग वाले कार्यक्रमों के साथ लोकनृत्य प्रतियोगिता को विशेष महत्व दिया जाएगा। लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र में दिन के समय होने वाली लोकनृत्य प्रतियोगिता में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विजेता सांस्कृतिक दलों के साथ प्रतिभागी दलों की पुरस्कार राशि भी बढ़ाई गई है।
दशहरा उत्सव समिति ने लोकनृत्य प्रतियोगिता के विजेता दल की पुरस्कार राशि 51 हजार से बढ़ाकर 71 हजार रुपये करने का फैसला लिया है। उपविजेता को अब 31 हजार के बजाय 51 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले दल को 21 हजार के बजाय 41 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक सांस्कृतिक दल को 10 हजार के बजाय 15 हजार रुपये मिलेंगे।
लोकनृत्य प्रतियोगिता में सामान्य तौर पर 50 से 60 सांस्कृतिक दल भाग लेते हैं। वर्ष 2025 में आपदा के कारण 40 दल ही भाग ले पाए थे, जबकि 2024 में 60 दलों ने लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया था। दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं कुल्लू सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि उत्सव में लोक संस्कृति को अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से विजेता और प्रतिभागी दलों की पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की गई है।
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दशहरा उत्सव के दौरान लोकनृत्य प्रतियोगिता में भाग लेने वालों की इनाम राशि और प्रतिभागी राशि के बढ़ाने से इस ओर ज्यादा सांस्कृतिक दलों की रुचि बढ़ेगी। इससे पुरानी संस्कृति का संरक्षण होगा। साथ ही देश-विदेश के पर्यटकों को यहां की ठेठ संस्कृति के दर्शन भी हो सकेंगे।
-प्रोमिला गुलेरिया, जिला भाषा अधिकारी
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दशहरा उत्सव समिति ने लोकनृत्य प्रतियोगिता के विजेता दल की पुरस्कार राशि 51 हजार से बढ़ाकर 71 हजार रुपये करने का फैसला लिया है। उपविजेता को अब 31 हजार के बजाय 51 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले दल को 21 हजार के बजाय 41 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक सांस्कृतिक दल को 10 हजार के बजाय 15 हजार रुपये मिलेंगे।
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लोकनृत्य प्रतियोगिता में सामान्य तौर पर 50 से 60 सांस्कृतिक दल भाग लेते हैं। वर्ष 2025 में आपदा के कारण 40 दल ही भाग ले पाए थे, जबकि 2024 में 60 दलों ने लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया था। दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं कुल्लू सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि उत्सव में लोक संस्कृति को अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से विजेता और प्रतिभागी दलों की पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की गई है।
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दशहरा उत्सव के दौरान लोकनृत्य प्रतियोगिता में भाग लेने वालों की इनाम राशि और प्रतिभागी राशि के बढ़ाने से इस ओर ज्यादा सांस्कृतिक दलों की रुचि बढ़ेगी। इससे पुरानी संस्कृति का संरक्षण होगा। साथ ही देश-विदेश के पर्यटकों को यहां की ठेठ संस्कृति के दर्शन भी हो सकेंगे।
-प्रोमिला गुलेरिया, जिला भाषा अधिकारी
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