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लाहौल में 15 अगस्त तक स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां बंद
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जिला लाहौल-स्पीति की लाहौल घाटी में कोरोना के अचानक सक्रिय मामले 36 हो गए हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। घाटी में 15 अगस्त तक शत-प्रतिशत कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग में तैनात कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है।
विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि घाटी में कोरोना की पहली डोज से वंचित स्थानीय लोगों समेत बाहर से आने वाले कामगारों को टीका लगाया जाएगा। बाहर से आए बीआरओ के कामगारों के साथ लोनिवि, आईपीएच तथा खेतीबाड़ी के कार्यों में लगे प्रवासी मजदूरों, फेरी वाले, हेयर सैलून चलाने वालों की वैक्सीनेशन होगी। कोरोना की पहली डोज से वंचित रहने वालों का टीकाकरण 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि स्पीति में इस समय कोरोना का एक भी सक्रिय मामला नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक घाटी में कोरोना के अधिक मामले प्रवासी कामगारों के ही हैं। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में कोरोना की पहली डोज से कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए विभाग ने आशा वर्करों से भी अपील की है कि वह अपने गांव व पंचायत के लोगों सहित प्रवासी कामगारों पर निगरानी रखे। साथ ही उन सभी लोगों को जागरूक करें, जिन्होंने कोरोना की पहली डोज नहीं लगवाई है। इन दिनों घाटी में हजारों की तादाद में प्रवासी कामगार हैं, जो सीजन में यहां मजदूरी करने आए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग सभी लोगों को कोरोना का टीका लगाने के लिए जागरूक कर रहा है। इसके बाद भी कई लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। घाटी में प्रवासी कामगारों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में तैनात कर्मियों की छुट्टियों पर 15 अगस्त तक रोक लगा दी है। इस दौरान घाटी में छूटे हुए लोगों सहित बाहर से आए सभी कामगारों को कोरोना का पहला टीका शत-प्रतिशत लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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-रंजीत वैद्य, स्वास्थ्य एवं कोविड निगरानी अधिकारी, लाहौल-स्पीति
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विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि घाटी में कोरोना की पहली डोज से वंचित स्थानीय लोगों समेत बाहर से आने वाले कामगारों को टीका लगाया जाएगा। बाहर से आए बीआरओ के कामगारों के साथ लोनिवि, आईपीएच तथा खेतीबाड़ी के कार्यों में लगे प्रवासी मजदूरों, फेरी वाले, हेयर सैलून चलाने वालों की वैक्सीनेशन होगी। कोरोना की पहली डोज से वंचित रहने वालों का टीकाकरण 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि स्पीति में इस समय कोरोना का एक भी सक्रिय मामला नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक घाटी में कोरोना के अधिक मामले प्रवासी कामगारों के ही हैं। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में कोरोना की पहली डोज से कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए विभाग ने आशा वर्करों से भी अपील की है कि वह अपने गांव व पंचायत के लोगों सहित प्रवासी कामगारों पर निगरानी रखे। साथ ही उन सभी लोगों को जागरूक करें, जिन्होंने कोरोना की पहली डोज नहीं लगवाई है। इन दिनों घाटी में हजारों की तादाद में प्रवासी कामगार हैं, जो सीजन में यहां मजदूरी करने आए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग सभी लोगों को कोरोना का टीका लगाने के लिए जागरूक कर रहा है। इसके बाद भी कई लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। घाटी में प्रवासी कामगारों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग में तैनात कर्मियों की छुट्टियों पर 15 अगस्त तक रोक लगा दी है। इस दौरान घाटी में छूटे हुए लोगों सहित बाहर से आए सभी कामगारों को कोरोना का पहला टीका शत-प्रतिशत लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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-रंजीत वैद्य, स्वास्थ्य एवं कोविड निगरानी अधिकारी, लाहौल-स्पीति