फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Lahaul's vegetables shine in the country's markets.

Kullu News: लाहौल की सब्जियों ने देश की मंडियों में बिखेरी चमक

Sat, 04 Jul 2026 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sat, 04 Jul 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
Lahaul's vegetables shine in the country's markets.
लाहौल में ब्रोकली की सब्जी पैकिंक करता किसान टोपेंदर।-संवाद
मटर 70 और ब्रोकली 140 रुपये प्रतिकिलो बिकी,अच्छे दाम से किसानों में उत्साह
विज्ञापन

जाहलमा नाले का क्षतिग्रस्त पुल बना बड़ी चुनौती
14 पंचायतों के किसान जल्द निर्माण की कर रहे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में उत्पादित सब्जियां देशभर की मंडियों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। पट्टन घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में हरे मटर और ब्रोकली का सीजन शुरू हो गया है। वहीं ग्रीन लीफी, रेड लीफी और आइसबर्ग लेट्यूस की लगभग 60 प्रतिशत फसल की कटाई पूरी हो चुकी है। किसानों को हरे मटर के 65 से 70 रुपये प्रति किलो और ब्रोकली के 120 से 140 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल रहे हैं, जिससे उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है।
किसानों का कहना है कि सीजन की शुरुआत से ही सब्जियों के अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर आमदनी की उम्मीद है। हालांकि, परिवहन व्यवस्था उनकी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। दरअसल, जाहलमा नाले पर बना पुल 26 मई को क्षतिग्रस्त होने के बाद क्षेत्र के किसानों और बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एसकेटीटी सड़क पर आवागमन प्रभावित होने के कारण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने नाले पर अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार किया है। लेकिन बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने या बाढ़ आने की स्थिति में यह मार्ग भी बंद हो सकता है। ऐसे में क्षेत्र की 14 पंचायतों के लोगों की नजरें नए पुल के शीघ्र निर्माण पर टिकी हैं।
विज्ञापन

स्थानीय किसान वीर सिंह, शाम लाल और राजेंद्र ने बताया कि अधिकांश किसानों को उनकी उपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं, लेकिन कुछ इलाकों में बिचौलिये अलग-अलग दरों पर खरीद कर किसानों का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि लाहौल घाटी के लगभग 90 प्रतिशत लोगों की आजीविका कृषि और बागवानी पर निर्भर है। ऐसे में समय पर फसल को सुरक्षित तरीके से मंडियों तक पहुंचाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि जल्द पुल का निर्माण नहीं हुआ तो बरसात के दौरान किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed