बर्फ की सात फीट ऊंची दीवार काट बहाल किया जलोड़ी दर्रा
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छह जनवरी से बंद औट-लहुरी-सैंज एनएच-305 शुक्रवार को बहाल हो गया है। हाईवे अथॉरिटी ने जलोड़ी दर्रे से बर्फ की करीब सात फीट (210 सेंटीमीटर) ऊंची दीवार को हटाकर यातायात को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया है।
इस दौरान तीन वाहनों ने दर्रे को आरपार भी किया है। दर्रा खुलने से बाह्य सराज की 58 पंचायतों के साथ रामपुर, करसोग, किन्नौर और कुमारसेन के लोगों ने बड़ी राहत मिली है। उधर, दर्रा खुलने के बावजूद सड़क पर बर्फ जमने से आवाजाही खासी मुश्किल है।
ऐसे में लोग अभी भी वाया गाड़ागुशैणी, करसोग या फिर शिमला होकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। दर्रा अवरुद्ध होने से कुल्लू से आनी, रामपुर, बागीपुल आदि रूटों पर चलने वाली निगम के आधा दर्जन बस रूट ढाई महीने से ठप हैं।
स्थानीय निवासी प्रताप सिंह, उमा ठाकुर, रीता, चमन लाल, जगदीश, हुकम राम, गोविंद सिंह और निर्मला देवी ने कहा कि औट-लुहरी-सैंज हाइवे-305 बंद होने से उन्हें वाया गाड़ागुशैणी होकर घर जाना पड़ा।
हवाई उड़ानें शुरू, 43 यात्रा रोहतांग दर्रा के आर-पार
एनएच अथॉरिटी के सुपरवाइजर यशवर ठाकुर ने कहा कि एनएच अथॉरिटी का जलोड़ी दर्रे से बर्फ हटाओ अभियान पूरा हो गया है।लेकिन वाहनों का अभी आरपार करना जोखिम भरा है।
एनएच-305 के सहायक अभियंता अरविंद भारद्वाज का कहना है कि हाईवे के दोनों ओर बर्फ होने से अभी छोटे वाहनों के स्किड होने का खतरा है। जब तक बर्फ की फिसलन दूर नहीं हो जाती, वाहन चालकों को खास एहतियात बरतनी चाहिए।
मौसम साफ होते ही शुक्रवार को लाहौल के तिंदी और उदयपुर के लिए संयुक्त उड़ान हुई। किलाड़ और चंबा में फंसे मरीजों और कुल्लू में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को एयरलिफ्ट करने के लिए पवन हंस हेलिकॉप्टर ने भुंतर से एक उड़ान भरी। तिंदी और उदयपुर के लिए एक संयुक्त उड़ान भरी गई। इस उड़ान में कुल 43 यात्री रोहतांग दर्रा के आर-पार हुए।