{"_id":"67ff8e13e642f044240e3c90","slug":"in-files-there-is-tap-in-every-house-but-the-reality-on-the-ground-is-different-kullu-news-c-89-1-ssml1015-145577-2025-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: फाइलों में हर घर में नल, धरातल पर कुछ और हकीकत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: फाइलों में हर घर में नल, धरातल पर कुछ और हकीकत
Sat, 19 Apr 2025 06:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 19 Apr 2025 06:29 AM IST
विज्ञापन
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जल जीवन मिशन (जेजेएम) का शुभारंभ 15 अगस्त 2019 को हुआ था। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य वर्ष 2024 तक हर ग्रामीण घर में नल से जल की उपलब्धता को सुनिश्चित करवाना रहा। वहीं, जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में जल शक्ति विभाग की फाइलों में तो 4,649 घरों नल लगे हैं, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। अधिकतर परिवारों को यह तक मालूम नहीं है कि जल शक्ति विभाग की फाइलों में उनके घर में नल लगे हैं।
ऐसे में घाटी के पंचायत प्रतिनिधि और अन्य लोग लाहौल में हर घर में विभाग की फाइलों में दर्शाए जा रहे नल पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 40 फीसदी से अधिक लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने पैसे से पाइपे खरीद कर बिछाए हैं। इसमें विभाग की ओर से उन्हें किसी तरह की कोई मदद मिली है, लेकिन विभाग ने उन्हें भी अपनी फाइलों में हर घर नल में दर्ज कर दिया है। घाटी के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि अब विभाग के अधिकारी पंचायत प्रतिनिधियों से उनकी पंचायत के हर घर में नल लगने को लेकर लिखित में मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब वे स्वयं ही हर घर नल योजना से वंचित हैं तो वे पंचायत में हर घर नल लगा होने का कोई प्रमाण विभाग को कैसे दे सकते हैं। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अजय गुप्ता ने बताया कि लाहौल में 4,649 घरों में नल लगे हैं। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन में 1,470 परिवारों को हर घर नल योजना से जोड़ने का लक्ष्य था, जिसे पूरा कर दिया है। 3,179 घरों में नल पहले से ही लगे थे।
ग्राम पंचायत शांशा में 60 के करीब घर हैं। इनमें 10 से अधिक घरों में नल नहीं हैं। ऐसे में सत्य का प्रमाण ही दिया जाएगा। पंचायत के लोगों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
-प्रशांत कुमार, शांशा पंचायत प्रधान।
सलग्रां पंचायत में हर घर नल की सुविधा नहीं है। जल शक्ति विभाग के कागजों में पंचायत के हर घर नल का जिक्र होगा, लेकिन यह सच्चाई नहीं है।
-निर्मला देवी, सलग्रां पंचायत प्रधान।
विज्ञापन
ऐसे में घाटी के पंचायत प्रतिनिधि और अन्य लोग लाहौल में हर घर में विभाग की फाइलों में दर्शाए जा रहे नल पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 40 फीसदी से अधिक लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने पैसे से पाइपे खरीद कर बिछाए हैं। इसमें विभाग की ओर से उन्हें किसी तरह की कोई मदद मिली है, लेकिन विभाग ने उन्हें भी अपनी फाइलों में हर घर नल में दर्ज कर दिया है। घाटी के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि अब विभाग के अधिकारी पंचायत प्रतिनिधियों से उनकी पंचायत के हर घर में नल लगने को लेकर लिखित में मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब वे स्वयं ही हर घर नल योजना से वंचित हैं तो वे पंचायत में हर घर नल लगा होने का कोई प्रमाण विभाग को कैसे दे सकते हैं। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अजय गुप्ता ने बताया कि लाहौल में 4,649 घरों में नल लगे हैं। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन में 1,470 परिवारों को हर घर नल योजना से जोड़ने का लक्ष्य था, जिसे पूरा कर दिया है। 3,179 घरों में नल पहले से ही लगे थे।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत शांशा में 60 के करीब घर हैं। इनमें 10 से अधिक घरों में नल नहीं हैं। ऐसे में सत्य का प्रमाण ही दिया जाएगा। पंचायत के लोगों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
-प्रशांत कुमार, शांशा पंचायत प्रधान।
सलग्रां पंचायत में हर घर नल की सुविधा नहीं है। जल शक्ति विभाग के कागजों में पंचायत के हर घर नल का जिक्र होगा, लेकिन यह सच्चाई नहीं है।
-निर्मला देवी, सलग्रां पंचायत प्रधान।