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Kullu News: देव मिलने की परंपरा के गवाह बने सैकड़ों लोग
Sun, 20 Apr 2025 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 20 Apr 2025 10:40 PM IST
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कुल्लू के बदाह में कटियाली मेलें के लिए प्रस्थान करते देवता बिजली महादेव और पिरड़ी महादेव रवाना
कुल्लू। आराध्य देवता बिजली महादेव के सम्मान में बदाह के कटियाली में मेला मनाया जाएगा। मेले की शोभा बढ़ाने के लिए देवता बिजली महादेव और देवता पिरड़ी महादेव रविवार देर शाम को कटियाली गांव स्थित मंदिर में पहुंचेे।
दोनों देवताओं के दर्शनों के लिए कटियाली सौह में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आराध्य देवताओं के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
कटियाली मेला के लिए देवता बिजली महादेव और पिरड़ी महादेव रविवार दोपहर को खराहल घाटी के त्रांबली गांव में स्थित अपने-अपने मंदिरों से निकले। दोनों देवता सैकड़ों कारकूनों, हारियानों संग ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की स्वर लहरियों के बीच प्रस्थान किया। दोपहर करीब 03:30 बजे दोनों देवता अधिष्ठाता देवता रघुनाथ के मंदिर सुल्तानपुर पहुंचे। देव-विधि से मिलन की परंपरा निभाई गई। इसके बाद दोनों देवता बदाह स्थित कटियाली के लिए निकले। देवताओं का खराहल घाटी के चंझड़, डोभी, चौकी डोभी, टापू, कुल्लू शहर के अखाड़ा बाजार, सुल्तानपुर, सरवरी, ढालपुर, गांधीनगर, शास्त्री नगर, टीकरा बाबड़ी, बदाह में श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। रविवार शाम के समय कटियाली सोह में दोनों देवताओं ने देव नृत्य की परंपरा निभाई। इसके सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने।
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दोनों देवताओं के दर्शनों के लिए कटियाली सौह में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आराध्य देवताओं के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
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कटियाली मेला के लिए देवता बिजली महादेव और पिरड़ी महादेव रविवार दोपहर को खराहल घाटी के त्रांबली गांव में स्थित अपने-अपने मंदिरों से निकले। दोनों देवता सैकड़ों कारकूनों, हारियानों संग ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की स्वर लहरियों के बीच प्रस्थान किया। दोपहर करीब 03:30 बजे दोनों देवता अधिष्ठाता देवता रघुनाथ के मंदिर सुल्तानपुर पहुंचे। देव-विधि से मिलन की परंपरा निभाई गई। इसके बाद दोनों देवता बदाह स्थित कटियाली के लिए निकले। देवताओं का खराहल घाटी के चंझड़, डोभी, चौकी डोभी, टापू, कुल्लू शहर के अखाड़ा बाजार, सुल्तानपुर, सरवरी, ढालपुर, गांधीनगर, शास्त्री नगर, टीकरा बाबड़ी, बदाह में श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। रविवार शाम के समय कटियाली सोह में दोनों देवताओं ने देव नृत्य की परंपरा निभाई। इसके सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने।
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