हिमाचल प्रदेश: मनाली में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ आया था घूमने
सिरदर्द की शिकायत के बाद ऑनलाइन मंगवाई दवा खाने और कमरे में गिरने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पर्यटन नगरी मनाली में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के 19 वर्षीय पोते वीर सोरेन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सिरदर्द की शिकायत के बाद ऑनलाइन मंगवाई दवा खाने और कमरे में गिरने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले उनके मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना मिलते ही चंपई सोरेन हेलिकाप्टर से मनाली पहुंचे और शव को झारखंड ले गए।
बाबूलाल सोरेन के पुत्र वीर सोरेन (19) की मनाली में अचानक मौत से सनसनी फैल गई है। वीर अपने पांच दोस्तों के साथ 22 फरवरी को मनाली घूमने आए थे और सिमसा स्थित होम स्टे में ठहरे थे। पुलिस के अनुसार 23 फरवरी को सभी दोस्त सोलंग और हामटा-सेथन की ओर घूमने गए थे। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे साथी बाहर से लौटे तो वीर कमरे में सोया मिला। जगाने पर उसने सिरदर्द की शिकायत की। साथियों ने ऑनलाइन दवा मंगवाकर वीर को दी।
करीब 2:30 बजे कमरे से गिरने की आवाज आई। साथियों ने देखा तो वीर बिस्तर से नीचे पड़ा था। उसे तुरंत सिविल अस्पताल मनाली ले जाया गया। रास्ते में वीर के मुंह से झाग निकलने लगा। अस्पताल में चिकित्सकों ने वीर को मृत घोषित कर दिया। डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने की इच्छा जताई और किसी प्रकार का संदेह भी व्यक्त नहीं किया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उधर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीर के निधन पर शोक जताया है।
मौत के कारणों पर सवाल
वीर की मौत कैसे हुई, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। हामटा और सेथन जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में घूमने के कारण हाई एल्टीट्यूड सिकनेस की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, ऑनलाइन मंगवाई गई दवा के सेवन और अस्पताल ले जाते समय मुंह से झाग निकलने की घटना ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दवा क्या ली थी, यह जांच का विषय है।