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कुल्लू शहर में लग रहे गंदगी के ढेर
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कुल्लू। जिला मुख्यालय में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। शहर में कूड़ा उठाने वाली जगहों से कई दिनों से कचरा नहीं उठ रहा है। नगर परिषद की डोर-टू-डोर योजना भी दम तोड़ रही है। योजना के तहत शहर के 11 वार्डों में रोजाना घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। तीन से चार दिनों बाद नप के कर्मचारी कूड़ा लेने पहुंच रहे हैं। इसके चलते लोग अब घर से निकलने वाली गंदगी को खुले में फेंकने के लिए मजबूर हैं।
शहरवासी नप के अधिकारी और कर्मचारियों को बार-बार अवगत करवा रहे हैं। इसके बावजूद कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। ऐसे में शहर के मैदानों और सड़कों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। सफाई व्यवस्था चरमराने से लोगों में प्रशासन व नगर परिषद के प्रति भारी रोष है। नप के अधीन आने वाले रामशिला, सब्जी मंडी, अखाड़ा बाजार, सुल्तानपुर, लोरन, एलआईसी भवन, बस अड्डा सरवरी, लोरन, शीतला माता मंदिर, गांधीनगर, लंका बेकर के साथ प्रदर्शनी मैदान, खेल मैदान और मेला मैदान में कूड़े-कचरे के ढेर हैं। शहरवासी राजेश, भूप सिंह, दीपक, लाल सिंह, राहुल, प्रदीप, सुशील ने कहा कि नगर परिषद के कर्मचारियों को दूरभाष पर संपर्क कर बुलाने पर भी वे कूड़ा लेने के लिए नहीं आते। रोजाना घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था है। लेकिन कर्मचारी सप्ताह में दो बार ही कूड़ा लेने पहुंच रहे हैं। उधर, इस संबंध में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि कोरोना के कारण शहर को सैनिटाइजेशन करना अनिवार्य है। ऐसे में कुछ कर्मचारी सैनिटाइजेशन का काम देख रहे हैं। कर्मचारियों की कमी होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। जल्द ही समस्या को हल कर दिया जाएगा।
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शहरवासी नप के अधिकारी और कर्मचारियों को बार-बार अवगत करवा रहे हैं। इसके बावजूद कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। ऐसे में शहर के मैदानों और सड़कों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। सफाई व्यवस्था चरमराने से लोगों में प्रशासन व नगर परिषद के प्रति भारी रोष है। नप के अधीन आने वाले रामशिला, सब्जी मंडी, अखाड़ा बाजार, सुल्तानपुर, लोरन, एलआईसी भवन, बस अड्डा सरवरी, लोरन, शीतला माता मंदिर, गांधीनगर, लंका बेकर के साथ प्रदर्शनी मैदान, खेल मैदान और मेला मैदान में कूड़े-कचरे के ढेर हैं। शहरवासी राजेश, भूप सिंह, दीपक, लाल सिंह, राहुल, प्रदीप, सुशील ने कहा कि नगर परिषद के कर्मचारियों को दूरभाष पर संपर्क कर बुलाने पर भी वे कूड़ा लेने के लिए नहीं आते। रोजाना घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था है। लेकिन कर्मचारी सप्ताह में दो बार ही कूड़ा लेने पहुंच रहे हैं। उधर, इस संबंध में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि कोरोना के कारण शहर को सैनिटाइजेशन करना अनिवार्य है। ऐसे में कुछ कर्मचारी सैनिटाइजेशन का काम देख रहे हैं। कर्मचारियों की कमी होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। जल्द ही समस्या को हल कर दिया जाएगा।
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