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स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद, स्टाफ न दवाइयां
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुशैणी/बंजार (कुल्लू)। जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार के दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर बेहतर सुविधाएं देने के दावे हवा हो रहे हैं। आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक उपचार की सुविधा भी नहीं मिल रही है।
तीर्थन घाटी की तीन ग्राम पंचायत तुंग, मशियार और शिल्ही के केंद्र बिंदु बठाहड़ में चार दशक पहले सरकार ने हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाया। भवन की खस्ता हालत और स्टाफ की कमी से स्वास्थ्य उपकेंद्र में छह माह से ताला लटका है। स्थानीय निवासी निका राम, कमल सिंह, नीरत सिंह, पन्ना लाल, शिल्ही पंचायत के पूर्व प्रधान प्यारे चंद कहना है कि अगर दूरदराज के गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है या कोई छोटी-मोटी बीमारी हो तो उसे उपचार करवाने के लिए 20 किमी दूर बंजार या 70 किमी दूर कुल्लू जाना पड़ता है। सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला है, लेकिन यहां नर्स और फार्मासिस्ट नहीं है। इससे लोगों को दवाई भी नहीं मिल रही है। स्टाफ की कमी के कारण इस स्वास्थ्य उपकेंद्र में महीनों से ताला लटका है और जर्जर भवन के चारों ओर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि पदों को भरने के लिए सरकार के साथ पत्राचार किया गया है।
खस्ताहाल भवन की मरम्मत की जाए
ग्राम पंचायत शिल्ही के उप प्रधान मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र बठाहड़ में रिक्त पड़े पदों को भरा जाए और इस खस्ताहाल भवन की मरम्मत की जाए। कहा कि दूरदराज गांव के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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गुशैणी/बंजार (कुल्लू)। जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार के दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर बेहतर सुविधाएं देने के दावे हवा हो रहे हैं। आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक उपचार की सुविधा भी नहीं मिल रही है।
तीर्थन घाटी की तीन ग्राम पंचायत तुंग, मशियार और शिल्ही के केंद्र बिंदु बठाहड़ में चार दशक पहले सरकार ने हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाया। भवन की खस्ता हालत और स्टाफ की कमी से स्वास्थ्य उपकेंद्र में छह माह से ताला लटका है। स्थानीय निवासी निका राम, कमल सिंह, नीरत सिंह, पन्ना लाल, शिल्ही पंचायत के पूर्व प्रधान प्यारे चंद कहना है कि अगर दूरदराज के गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है या कोई छोटी-मोटी बीमारी हो तो उसे उपचार करवाने के लिए 20 किमी दूर बंजार या 70 किमी दूर कुल्लू जाना पड़ता है। सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला है, लेकिन यहां नर्स और फार्मासिस्ट नहीं है। इससे लोगों को दवाई भी नहीं मिल रही है। स्टाफ की कमी के कारण इस स्वास्थ्य उपकेंद्र में महीनों से ताला लटका है और जर्जर भवन के चारों ओर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि पदों को भरने के लिए सरकार के साथ पत्राचार किया गया है।
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खस्ताहाल भवन की मरम्मत की जाए
ग्राम पंचायत शिल्ही के उप प्रधान मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र बठाहड़ में रिक्त पड़े पदों को भरा जाए और इस खस्ताहाल भवन की मरम्मत की जाए। कहा कि दूरदराज गांव के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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