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Kullu News: देव सत्य नारायण का श्रृंगाऋषि से भव्य मिलन
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कुल्लू। बंजार दौरे पर आए देवता सत्य नारायण करशाला शुक्रवार शाम को देवता श्रृंगा ऋषि घियागी की स्थली पर पहुंचे हैं। यहां पर गांव की महिलाओं ने धूप के साथ देवता का स्वागत किया है।
अधिष्ठाता देव श्रृंगाऋषि भी मंदिर से बाहर निकले और दोनों महाशक्तियों के बीच भव्य देव मिलन हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों देवताओं का यह मिलन करीब छह साल बाद हुआ है। देवता सत्य नारायण करशाला का बंजार दौरा अंतिम पड़ाव पर है। शनिवार को देवता अपने देवालय की ओर प्रस्थान करेंगे। 20 जून को देवता का जिभी में ठहराव हुआ था और यहां भी देवता शेषनाग जिभी के साथ मिलन हुआ।
देवता के जगह-जगह हो रहे स्वागत से देवता के कारकून, हारियान और देवलू गदगद हैं। देवता के कारदार इंद्र सिंह, पुजारी पथर सिंह, घियागी वासी निहाल भंडारी ने कहा कि शुक्रवार शाम को देवता नारायण घियागी गांव पहुंचे है। देवता श्रृंगाऋषि के साथ हुए भव्य देवमिलन को देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। ढोल-नगाड़ों, करनाल, नरसिंगों और शहनाई की स्वरलहरियों से पूरी घाटी देवमयी हो गई। देवमिलन के बाद देवता नारायण के देवलुओं ने नाटी डाली। संवाद
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अधिष्ठाता देव श्रृंगाऋषि भी मंदिर से बाहर निकले और दोनों महाशक्तियों के बीच भव्य देव मिलन हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों देवताओं का यह मिलन करीब छह साल बाद हुआ है। देवता सत्य नारायण करशाला का बंजार दौरा अंतिम पड़ाव पर है। शनिवार को देवता अपने देवालय की ओर प्रस्थान करेंगे। 20 जून को देवता का जिभी में ठहराव हुआ था और यहां भी देवता शेषनाग जिभी के साथ मिलन हुआ।
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देवता के जगह-जगह हो रहे स्वागत से देवता के कारकून, हारियान और देवलू गदगद हैं। देवता के कारदार इंद्र सिंह, पुजारी पथर सिंह, घियागी वासी निहाल भंडारी ने कहा कि शुक्रवार शाम को देवता नारायण घियागी गांव पहुंचे है। देवता श्रृंगाऋषि के साथ हुए भव्य देवमिलन को देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। ढोल-नगाड़ों, करनाल, नरसिंगों और शहनाई की स्वरलहरियों से पूरी घाटी देवमयी हो गई। देवमिलन के बाद देवता नारायण के देवलुओं ने नाटी डाली। संवाद
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