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कोविड कर्मचारियों के लिए नीति बनाए सरकार : लच्छी
Sun, 08 Jun 2025 10:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 08 Jun 2025 10:16 PM IST
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कोरोना काल में ली सेवाएं, अब किया जा रहा दरकिनार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश सरकार कोविड कर्मचारियों के लिए नीति बनाए। कोरोना काल में कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की है, लेकिन बदले में वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों को दरकिनार किया है। यह बात कोविड यूनियन कुल्लू के अध्यक्ष लच्छी राम ने कही।
उन्होंने कहा कि कुल्लू के 52 कर्मचारियों ने कोरोना काल में अपने परिवार को छोड़ मरीजों के स्वास्थ्य के लिए जीवन दाव पर लगाया, लेकिन जब खतरा कम हुआ और हालात सामान्य हुए। सरकार ने कर्मचारियों को ही दरकिनार कर दिया। यह न्याय संगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2000 से अधिक कर्मचारी हैं, जिन्होंने कोरोना काल में डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में सेवाएं दी हैं। इन कर्मचारियों का अनुबंध समाप्त हो गया है और सरकार ने भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए कोई ठोस नीति भी नहीं बनाई। हर एक कर्मचारी दर-दर भटकने को मजबूर है। उन्होंने सरकार से कोविड कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की है। कहा कि कोरोना का दोबारा लौट कर आना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों को एहतियात बरतने की आवश्यकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश सरकार कोविड कर्मचारियों के लिए नीति बनाए। कोरोना काल में कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की है, लेकिन बदले में वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों को दरकिनार किया है। यह बात कोविड यूनियन कुल्लू के अध्यक्ष लच्छी राम ने कही।
उन्होंने कहा कि कुल्लू के 52 कर्मचारियों ने कोरोना काल में अपने परिवार को छोड़ मरीजों के स्वास्थ्य के लिए जीवन दाव पर लगाया, लेकिन जब खतरा कम हुआ और हालात सामान्य हुए। सरकार ने कर्मचारियों को ही दरकिनार कर दिया। यह न्याय संगत नहीं है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2000 से अधिक कर्मचारी हैं, जिन्होंने कोरोना काल में डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में सेवाएं दी हैं। इन कर्मचारियों का अनुबंध समाप्त हो गया है और सरकार ने भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए कोई ठोस नीति भी नहीं बनाई। हर एक कर्मचारी दर-दर भटकने को मजबूर है। उन्होंने सरकार से कोविड कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की है। कहा कि कोरोना का दोबारा लौट कर आना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों को एहतियात बरतने की आवश्यकता है।
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