फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Got iron by taking 90 percent marks

90 प्रतिशत से अंक लेकर मनवाया लोहा

Tue, 03 Aug 2021 10:18 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 10:18 PM IST
विज्ञापन
Got iron by taking 90 percent marks
कुल्लू। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इसमें जिला कुल्लू के स्कूलों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। इस साल कोरोना की वजह से बोर्ड की दसवीं की परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। ऐसे मेें परिणाम आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर जारी किया है।
विज्ञापन

विद्यार्थी राहुल, रोविन, अंशु, संजना, दीप्ति ने कहा कि बिना परीक्षा के पास होना कुछ अलग लग रहा है। परिणाम आने के बाद कुछ अलग अनुभव लग रहा है। लेकिन कोरोना महामारी के चलते परीक्षा देना भी मुमकिन नहीं था। बोर्ड ने आंतरिक मूल्यांकन का फार्मूला अपनाकर विद्यार्थियों का बेहतर परिणाम बनाया है। लॉ मोंटसरी स्कूल के 98 विद्यार्थियों में से 17 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। डीएवी स्कूल मौहल में दसवीं कक्षा में 52 विद्यार्थी थे। इनमें 11 विद्यार्थियों ने 90 फीसदी से अधिक अंक लिए हैं। ब्रह्म ऋषि मिशन स्कूल के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम भी बेहतर रहा है। अमर उजाला की टीम ने जिले के विद्यार्थियों से परिणाम पर प्रतिक्रिया जानी। विद्यार्थियों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है।
विज्ञापन

विद्यार्थियों को मेहनत के मिले अच्छे अंक
आशीष रॉय ने कहा कि कोरोना काल में परीक्षा न करवाने का फैसला सही रहा है। बोर्ड ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ उनके भविष्य का भी पूरा ध्यान रखा है। जिस तरह से परिणाम घोषित किया गया है, उसमें विद्यार्थियों को मेहनत के तहत अच्छे अंक मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आंतरिक मूल्यांकन का फार्मूला रहा सही
सुरभी ने कहा कि बोर्ड ने परिणाम घोषित करने के लिए आंतरिक मूल्यांकन का फार्मूला अपनाया है। यह फार्मूला विद्यार्थियों के लिए अच्छा साबित हुआ है। पिछली कक्षाओं और ऑनलाइन टेस्ट के अंकों के मूल्यांकन के बाद विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम मिले हैं।
घोषित परिणाम में नहीं रही कोई कमी
अपर्णा राणा ने कहा कि दसवीं कक्षा के घोषित परिणाम में कोई कमी नहीं है। विद्यार्थियों को उनकी मेहनत के आधार पर ही अंक दिए गए हैं। पिछली कक्षाओं में जिन विद्यार्थियों ने मेहनत की है, उन्हें उसका फल इस साल कोरोना के चलते मिला है।

परीक्षा न होने के चलते रिजल्ट पर था असमंजस
अलिशा ने कहा कि परीक्षा न होने के कारण परिणाम को लेकर असमंजस बना हुआ था। लेकिन बोर्ड ने बेहतर परिणाम घोषित किया है। परिणाम को लेकर विद्यार्थियों में कोई संशय नहीं होना चाहिए। आंतरिक मूल्यांकन के फार्मूले में विद्यार्थियों को अच्छे अंक दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed