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पुश्तैनी मकान छोड़ लकड़ी के खोखे में रह रहे घनश्याम

Thu, 16 Sep 2021 09:56 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 09:56 PM IST
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Ghanshyam living in a wooden khokha leaving his ancestral house, Road under construction became a disaster, road debris entered the house, Victim appealed to Deputy Commissioner Kullu, no solution
गुशैणी (कुल्लूू)। जिला कुल्लू की तीर्थन घाटी की ग्राम पंचायत कलवारी के गांव ननौट निवासी घनश्याम सिंह का परिवार खतरे के साये में जीने को मजबूर है। ग्लवाहधार से रंबी के लिए निर्माणाधीन सड़क पर बरसात का पानी इस परिवार के लिए कहर बनकर बरसा है। फरगौट गांव के समीप सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी पर कटिंग के कारण मलबा और पत्थर पीड़ित घनश्याम के रिहायशी मकान में घुस गए हैं। जिस कारण मकान के साथ ही इसके खेतों में बीजी हुई फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। इस मकान में रहना अब खतरे से खाली नहीं है और यहां पर जान और माल के नुकसान का अंदेशा बना हुआ है। निर्माणाधीन सड़क से लगातार पानी, मलबा और पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है जिस कारण घनश्याम का परिवार अपना पुश्तैनी मकान छोड़ कर लकड़ी के खोखे में रहने को मजबूर है। अपनी इस समस्या के समाधान और सुरक्षा बारे घनश्याम कई बार गुहार लगा चुका है। समस्या को लेकर वह चार सितंबर को उपायुक्त कुल्लू के समक्ष भी पेश हुआ था और उन्हें लिखित व मौखिक रूप में अपनी समस्या से अवगत करवाया गया है। बावजूद अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उसके सेब के बगीचे और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। जमीन और मकान को नुकसान से बचाने के लिए जुलाई 2018 में अदालत से स्टे भी लिया था। ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखते हुए उसने अपना स्टे वापस ले लिया था और लोगों ने और विभागीय अधिकारियों द्वारा मकान की सुरक्षा के लिए उचित सुरक्षा उपाय करने की हामी भरी थी लेकिन किसी ने भी सुध नहीं ली है। ग्रामीणों व ठेकेदार ने पक्की सुरक्षा दीवारें लगाने का आश्वासन दिया था। खतरे को देखते हुए मजबूरन उन्हें अपना पुश्तैनी मकान और जमीन को छोड़कर परिवार समेत लकड़ी के खोखे में रहना पड़ रहा है। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता चमन ठाकुर ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। बरसात के कारण यहां सुरक्षा दीवार नहीं लग सकी है। अब मौसम खुलने पर पीड़ित को राहत दी जाएगी।
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