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कब्जे चिह्नित करने के बाद भूले हटाना
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भुंतर (कुल्लू)। जिला के प्रवेश द्वार भुंतर में अवैध कब्जों की जांच का मामला फाइलों में बंद हो गया है। हालांकि अमर उजाला की ओर से इस मसले को प्रमुखता से उठाए जाने पर कुछ समय तक भुंतर में अवैध कब्जों की वन व राजस्व महकमे ने जांच की। इस दौरान राजस्व विभाग की ओर से 52 अवैध कब्जे चिह्नित किए थे।
विभाग ने दावा किया गया था कि इन अवैध कब्जों की सघन जांच पड़ताल के बाद इन्हें हटाया जाएगा। इसके साथ ही भुंतर शहर में विभिन्न स्थानों पर किए अवैध कब्जों की भी जांच की जाएगी। लेकिन अभी तक न तो प्रथम चरण में चिह्नित किए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई हुई और न ही अन्य अवैध कब्जों की जांच की हुई। भुंतर शहर में अकेले खोखन नाले के दोनों तरफ ही लोगों ने अधिक संख्या में अवैध कब्जे कर घर व दुकानें बना दी हैं। बरसात के मौसम में खोखन नाले का पानी सड़कों पर बहना शुरू हो जाता है। इससे दुकानों में पानी भर जाता है। स्थानीय लोगों और दुकानदारोें को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। हर साल बरसात में खोखन नाला भुंतर बाजार में खूब तबाही मचाता है। स्थानीय लोगों की ओर से इस बारे में कई बार भुंतर तहसीलदार व पार्वती वन मंडल के वन मंडलाधिकारी से भी गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन अवैध कब्जोें की जांच की फाइल राजस्व व वन विभाग के कार्यालय में धूल फांक रही है। भुंतर में प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करने के लिए कोई सरकारी महकमा गंभीर नहीं है।
विभाग के समय देने पर शुरू होगी जांच
पार्वती वन मंडल के मंडलाधिकारी एंजल चौहान का कहना है कि वन विभाग की ओर से कब्जे के करीब 52 मामले चिह्नित किए थे। इनके चालान काट कर कोर्ट को भेज दिए हैं। अगले चरण की जांच राजस्व विभाग की ओर से समय देने पर शुरू की जाएगी।
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कागजी जांच की प्रक्रिया कर रहे पूरी
तहसीलदार भुंतर दीक्षांत ठाकुर का कहना है कि वन विभाग ने अवैध कब्जे के 52 मामले चिह्नित किए हैं, उनकी कागजी जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उनको हटाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
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विभाग ने दावा किया गया था कि इन अवैध कब्जों की सघन जांच पड़ताल के बाद इन्हें हटाया जाएगा। इसके साथ ही भुंतर शहर में विभिन्न स्थानों पर किए अवैध कब्जों की भी जांच की जाएगी। लेकिन अभी तक न तो प्रथम चरण में चिह्नित किए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई हुई और न ही अन्य अवैध कब्जों की जांच की हुई। भुंतर शहर में अकेले खोखन नाले के दोनों तरफ ही लोगों ने अधिक संख्या में अवैध कब्जे कर घर व दुकानें बना दी हैं। बरसात के मौसम में खोखन नाले का पानी सड़कों पर बहना शुरू हो जाता है। इससे दुकानों में पानी भर जाता है। स्थानीय लोगों और दुकानदारोें को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। हर साल बरसात में खोखन नाला भुंतर बाजार में खूब तबाही मचाता है। स्थानीय लोगों की ओर से इस बारे में कई बार भुंतर तहसीलदार व पार्वती वन मंडल के वन मंडलाधिकारी से भी गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन अवैध कब्जोें की जांच की फाइल राजस्व व वन विभाग के कार्यालय में धूल फांक रही है। भुंतर में प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करने के लिए कोई सरकारी महकमा गंभीर नहीं है।
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विभाग के समय देने पर शुरू होगी जांच
पार्वती वन मंडल के मंडलाधिकारी एंजल चौहान का कहना है कि वन विभाग की ओर से कब्जे के करीब 52 मामले चिह्नित किए थे। इनके चालान काट कर कोर्ट को भेज दिए हैं। अगले चरण की जांच राजस्व विभाग की ओर से समय देने पर शुरू की जाएगी।
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कागजी जांच की प्रक्रिया कर रहे पूरी
तहसीलदार भुंतर दीक्षांत ठाकुर का कहना है कि वन विभाग ने अवैध कब्जे के 52 मामले चिह्नित किए हैं, उनकी कागजी जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उनको हटाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।