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Kullu News: जमीन धंसने से अरछंडी की वर्षाशालिका बनी खतरा
Fri, 18 Apr 2025 04:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 18 Apr 2025 04:37 AM IST
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लोगों ने उठाई वर्षाशालिका को हटाकर दूसरी जगह बनाने की मांग की
आपदा के दौरान से धंस रही जमीन से खतरे में पड़ी वर्षा शालिका
संवाद न्यूज एजेंसी
नग्गर (कुल्लू)। कुल्लू-मनाली वामतट पर अरछंडी पंचायत क्षेत्र में सड़क किनारे लोक निर्माण ने वर्षाशालिका का निर्माण किया है। जो वर्ष 2023 में बाढ़ आने से जमीन धंसने के कारण गिरने के कगार पर पहुंच गई है। हालांकि उस दौरान विभाग ने इसे आनन-फानन में ठीक करवा दिया था, लेकिन उसके बाद कोई सुध नहीं ली। लिहाजा अब धंसती हुई जमीन के चलते यह वर्षाशालिका खतरे में पड़ गई है। यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग की ओर से इसकी मरम्मत पर लाखों खर्च करने के बाद भी इस वर्षाशालिका में बैठना लोगों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि बरसात आने पर यहां बड़ा खतरा पैदा होगा। स्थानीय निवासी जय ठाकुर, मनोहर ठाकुर व अरुण ने बताया कि अब इस जगह से वर्षाशालिका को स्थानांतरित कर दूसरी जगह बनाई जाए। लोगों का कहना है कि यह जगह लगातार धंस रही है।
उन्होंने विभाग को सुझाव दिया है कि अब नए पुल का निर्माण भी हो चुका है। इस कारण वर्षाशालिका को यहां से उठाकर राउंगी नाला में लगाया जाना चाहिए। क्योंकि लोगों का आना-जाना अब नए पुल से ही हो रहा है।
उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप शर्मा का कहना है कि इस वर्षा शालिका को जल्द ही नष्ट कर बजट उपलब्ध होने पर सुरक्षित जगह बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल लोगों को वर्षाशालिका के नीचे न बैठने की हिदायत दी जाएगी। ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
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आपदा के दौरान से धंस रही जमीन से खतरे में पड़ी वर्षा शालिका
संवाद न्यूज एजेंसी
नग्गर (कुल्लू)। कुल्लू-मनाली वामतट पर अरछंडी पंचायत क्षेत्र में सड़क किनारे लोक निर्माण ने वर्षाशालिका का निर्माण किया है। जो वर्ष 2023 में बाढ़ आने से जमीन धंसने के कारण गिरने के कगार पर पहुंच गई है। हालांकि उस दौरान विभाग ने इसे आनन-फानन में ठीक करवा दिया था, लेकिन उसके बाद कोई सुध नहीं ली। लिहाजा अब धंसती हुई जमीन के चलते यह वर्षाशालिका खतरे में पड़ गई है। यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग की ओर से इसकी मरम्मत पर लाखों खर्च करने के बाद भी इस वर्षाशालिका में बैठना लोगों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि बरसात आने पर यहां बड़ा खतरा पैदा होगा। स्थानीय निवासी जय ठाकुर, मनोहर ठाकुर व अरुण ने बताया कि अब इस जगह से वर्षाशालिका को स्थानांतरित कर दूसरी जगह बनाई जाए। लोगों का कहना है कि यह जगह लगातार धंस रही है।
उन्होंने विभाग को सुझाव दिया है कि अब नए पुल का निर्माण भी हो चुका है। इस कारण वर्षाशालिका को यहां से उठाकर राउंगी नाला में लगाया जाना चाहिए। क्योंकि लोगों का आना-जाना अब नए पुल से ही हो रहा है।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप शर्मा का कहना है कि इस वर्षा शालिका को जल्द ही नष्ट कर बजट उपलब्ध होने पर सुरक्षित जगह बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल लोगों को वर्षाशालिका के नीचे न बैठने की हिदायत दी जाएगी। ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
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