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Kullu News: भारी बारिश से खिसकने लगी जमीन, खेत धंसे, खतरे में मकान

Wed, 03 Sep 2025 11:12 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Wed, 03 Sep 2025 11:12 PM IST
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Due to heavy rains, the land started sliding, fields sank, houses in danger
कुल्लू-मनाली हाईवे पर टोल प्लाजा में आया भारी बारिश के बाद ब्यास नदी का पानी।-संवाद
बढ़ते जलस्तर ने बजाई खतरे की घंटी, सुरक्षित समझे जाने वाले इलाके भी भूस्खलन की चपेट में
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बुजुर्ग बोले- दशकों बाद देखा ऐसा कहर, लोग देवताओं के पास लगा रहे बारिश थमने की अर्जी

आफत की बारिश...
संवाद न्यूज एजेंसी

कुल्लू। जिले में इस बार बरसात ने भारी तबाही मचा दी है। जून से सितंबर तक लगातार बारिश ने जमीन को इतना तर कर दिया है कि वह मलबे के साथ खिसकने लगी है।
भूस्खलन के कारण बंजार से मनाली तक खेत-खलिहान धंस रहे हैं। कई घर खतरे की जद में हैं। सड़कें टूट रही हैं। कई सालों से सुरक्षित समझे जाने वाले इलाके भी प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए हैं। भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर ने जिले में खतरे की घंटी बजा दी है। पर्यावरण असंतुलन को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
कुल्लू में बागन, बंजार उपमंडल के तीन गांवों में कई परिवार दहशत में हैं। बंजार से लेकर मनाली तक सड़कें धंस रही हैं। छरोड़नाला से छमाहण सड़क में भारी भूस्खलन हुआ है। लगघाटी की सड़कों भी हालत भी यही है। बुजुर्गों का मानना है कि जिले में बारिश का ऐसा कहर दशकों बाद देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर चर्चाओं का माहौल है। बारिश रोकने के लिए लोग देवी-देवताओं के पास अर्जी लगा रहे हैं।
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लगातार बारिश से उफान पर नदी-नाले
खराहल घाटी के बुजुर्ग फतेह सिंह राणा ने कहा कि पांच दिन से बारिश जारी है। ब्यास नदी के साथ नदी-नाले उफान पर हैं। बारिश से जिस तरह का नुकसान हो रहा है, अब डर लगने लगा है। बारिश बरसात में होती थी लेकिन दो दिन बाद धूप भी खिलती थी। दो महीने में बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। दशकों बाद ऐसी स्थिति देखने को मिली है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एवं पर्यावरणविद किशन लाल ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन ही प्रदेश में आ रही आपदा का मुख्य कारण है। हिमाचल को हरा भरा बनाने की दिशा में काम होगा।
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