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Kullu News: स्वास्थ्य के लिए शुष्क ठंड बनने लगी चुनौती
Sun, 07 Dec 2025 05:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 07 Dec 2025 05:59 AM IST
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...खास खबर
ठंड बढ़ने में सांस से संबंधित बीमारियों ने जकड़े लोग
मौसम में बदलाव के बीच चिकित्सकों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बारिश न होने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। सुबह और शाम के समय बढ़ती शुष्ठ ठंड लोगों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनती जा रही है। जिले में खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों में सांस संबंधी रोगों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी के मौसम में 50 से 60 फीसदी तक सांस से संबंधित बीमारियों के मरीज बढ़ जाते हैं। ऐसे में विभाग ने मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय शीतलहर जैसी स्थिति महसूस हो रही है, वहीं शाम होते ही हवा में नमी और शुष्क ठंड बढ़ जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में दमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी, खांसी-ज़ुकाम और फेफड़ों के संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं।
इसके अलावा दिल के मरीजों पर भी ठंड का खासा प्रभाव पड़ता है। इसलिए सावधानी बरतें, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाकर रखें और किसी भी लक्षण को हल्के में न लें। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कल्याण ठाकुर और डॉ. नितेश कुमार ने कहा कि मौसम के इस बदलाव के दौर में सतर्क रहना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
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उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में खासकर दमा और सीओपीडी रोगियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर सुबह-सुबह धुंध और प्रदूषण का मिश्रित असर सबसे ज्यादा हानिकारक होता है। इसलिए बुजुर्ग, बच्चे और श्वास रोगियों को बहुत जल्दी बाहर निकलने से बचना चाहिए।
बॉक्स
स्वयं को कैसे रखें सुरक्षित
ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और मोजे अवश्य पहनें। सुबह जल्दी और देर शाम के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। घर के अंदर उचित वेंटिलेशन रखें, ताकि दूषित हवा जमा न हो। गुनगुना पानी पीएं और स्वयं को हाइड्रेटेड रखें। खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न जैसी समस्या बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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सर्दी के मौसम में सांस की बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ठंड से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए संतुलित आहार, विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। -डॉ. रणजीत ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू
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ठंड बढ़ने में सांस से संबंधित बीमारियों ने जकड़े लोग
मौसम में बदलाव के बीच चिकित्सकों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बारिश न होने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। सुबह और शाम के समय बढ़ती शुष्ठ ठंड लोगों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनती जा रही है। जिले में खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों में सांस संबंधी रोगों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी के मौसम में 50 से 60 फीसदी तक सांस से संबंधित बीमारियों के मरीज बढ़ जाते हैं। ऐसे में विभाग ने मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय शीतलहर जैसी स्थिति महसूस हो रही है, वहीं शाम होते ही हवा में नमी और शुष्क ठंड बढ़ जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में दमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी, खांसी-ज़ुकाम और फेफड़ों के संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं।
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इसके अलावा दिल के मरीजों पर भी ठंड का खासा प्रभाव पड़ता है। इसलिए सावधानी बरतें, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाकर रखें और किसी भी लक्षण को हल्के में न लें। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कल्याण ठाकुर और डॉ. नितेश कुमार ने कहा कि मौसम के इस बदलाव के दौर में सतर्क रहना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
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उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में खासकर दमा और सीओपीडी रोगियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर सुबह-सुबह धुंध और प्रदूषण का मिश्रित असर सबसे ज्यादा हानिकारक होता है। इसलिए बुजुर्ग, बच्चे और श्वास रोगियों को बहुत जल्दी बाहर निकलने से बचना चाहिए।
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स्वयं को कैसे रखें सुरक्षित
ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और मोजे अवश्य पहनें। सुबह जल्दी और देर शाम के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। घर के अंदर उचित वेंटिलेशन रखें, ताकि दूषित हवा जमा न हो। गुनगुना पानी पीएं और स्वयं को हाइड्रेटेड रखें। खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न जैसी समस्या बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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सर्दी के मौसम में सांस की बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ठंड से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए संतुलित आहार, विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। -डॉ. रणजीत ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू