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Kullu News: बर्फ से ढकी वादियों में बिजली का फॉल्ट ढूंढेगा ड्रोन
Thu, 09 Oct 2025 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 09 Oct 2025 11:02 PM IST
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कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में आपूर्ति बहाल रखने के लिए बोर्ड की पहल
कर्मियों को बर्फ में जान जोखिम में डालकर पैदल जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत
अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बिजली आपूर्ति को बहाल रखना हर साल एक बड़ी चुनौती बन जाती है। इस बार बिजली बोर्ड ने परंपरागत तरीकों से हटकर ड्रोन टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है।
पहली बार घाटी में ड्रोन के जरिये बिजली लाइनों में फॉल्ट ट्रेस किए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों को जान जोखिम में डालकर बर्फ में पैदल फॉल्ट ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न सिर्फ बिजली बहाली की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि घाटी में अंधेरे के दिन भी कम होंगे। इसकी शुरुआत भी बिजली बोर्ड ने कर दी है। बिजली बोर्ड जिले में पहली बार ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल फाल्ट तलाशने के लिए कर रहा है। इससे पहले कर्मचारी बर्फबारी के ढेरों के बीच कई किमी पैदल चलकर फॉल्ट ढूंढने निकलते थे। कई जगह उन्हें जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता था। ड्रोन तकनीक का सहारा लेकर अब फॉल्ट आसानी से तलाशा जा सकेगा।
घाटी में बर्फबारी होने के बाद बिजली आपूर्ति भी जल्द बहाल हो सकेगी। लाहौल में इस बार अक्तूबर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। रिहायशी इलाकों में 15 से 20 सेंटीमीटर के बीच बर्फबारी हुई है। इसके बाद लाहौल में बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कई इलाकों में अभी आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी है। हालांकि बिजली बोर्ड के कर्मचारी बिजली की बहाली में डटे हैं। घाटी में बर्फबारी होने पर जहां बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को कसरत करनी पड़ती है। कई इलाकों में लोगों को अंधेरे में कई दिनों तक रातें बितानी पड़ती हैं।
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-- पहली बार लाहौल में बिजली का फॉल्ट तलाश करने के लिए ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इससे लाइन में फॉल्ट तलाश करना आसान हो जाएगा। - सूर्यकांत शर्मा, अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड
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कर्मियों को बर्फ में जान जोखिम में डालकर पैदल जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत
अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बिजली आपूर्ति को बहाल रखना हर साल एक बड़ी चुनौती बन जाती है। इस बार बिजली बोर्ड ने परंपरागत तरीकों से हटकर ड्रोन टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है।
पहली बार घाटी में ड्रोन के जरिये बिजली लाइनों में फॉल्ट ट्रेस किए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों को जान जोखिम में डालकर बर्फ में पैदल फॉल्ट ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न सिर्फ बिजली बहाली की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि घाटी में अंधेरे के दिन भी कम होंगे। इसकी शुरुआत भी बिजली बोर्ड ने कर दी है। बिजली बोर्ड जिले में पहली बार ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल फाल्ट तलाशने के लिए कर रहा है। इससे पहले कर्मचारी बर्फबारी के ढेरों के बीच कई किमी पैदल चलकर फॉल्ट ढूंढने निकलते थे। कई जगह उन्हें जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता था। ड्रोन तकनीक का सहारा लेकर अब फॉल्ट आसानी से तलाशा जा सकेगा।
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घाटी में बर्फबारी होने के बाद बिजली आपूर्ति भी जल्द बहाल हो सकेगी। लाहौल में इस बार अक्तूबर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। रिहायशी इलाकों में 15 से 20 सेंटीमीटर के बीच बर्फबारी हुई है। इसके बाद लाहौल में बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कई इलाकों में अभी आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी है। हालांकि बिजली बोर्ड के कर्मचारी बिजली की बहाली में डटे हैं। घाटी में बर्फबारी होने पर जहां बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को कसरत करनी पड़ती है। कई इलाकों में लोगों को अंधेरे में कई दिनों तक रातें बितानी पड़ती हैं।
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