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Kullu News: डबललेन सड़क बने लेकिन घरों की नींव न हिले

Sat, 20 Sep 2025 11:05 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sat, 20 Sep 2025 11:05 PM IST
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Double lane roads should be built but the foundations of the houses should not be shaken.
लाहौल के जाहलमा में जनसुनवाई में भाग लेते क्षेत्र के लोग।स्त्रोत डीपीआरओ।
जनसुनवाई के दौरान जहालमा समेत तीन पंचायतों के ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
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खेत, कूहल और घरों की सुरक्षा का मामला उठाया, सर्किल रेट पर भी उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल की घाटियों में डबललेन सड़क का सपना आकार ले रहा है तो जमीन देने वाले गांवों की चिंता सिर्फ मुआवजे तक सीमित नहीं है।
जाहलमा, जुंडा, मूरिंग और थिरोट पंचायतों के ग्रामीणों ने कहा कि हम विकास के विरोध में नहीं हैं लेकिन अपने खेत, कूहल और घरों की सुरक्षा के पक्ष में जरूर हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क निर्माण से पहले सिंचाई व्यवस्था और जलस्रोतों को बचाने के वैकल्पिक उपाय तय हों। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए रिहायशी इलाकों के पास सुरक्षा दीवारें बनाई जाएं। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचा तो उनकी मरम्मत प्राथमिकता से की जाए।
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तांदी-किलाड़-संसारीनाला सड़क के सुधार एवं विस्तारीकरण कार्य से पहले भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास की प्रक्रिया चल रही है। शनिवार को वन विभाग के विश्राम गृह जाहलमा में जन सुनवाई हुई। इसकी अध्यक्षता उपमंडल अधिकारी उदयपुर एवं भू-अर्जन अधिकारी अलीशा चौहान ने की। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को रखा। बीआरओ ने भरोसा दिलाया कि वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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ग्रामीणों ने भूस्खलन और मिट्टी कटाव पर चिंता जताई और कहा कि निर्माण के बाद अकसर ढलानों का खिसकना और कृषि भूमि को नुकसान जैसी दिक्कतें आती हैं। उन्होंने मकानों की सुरक्षा के लिए दीवार लगाने की मांग की।

ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा और सर्किल रेट पर भी सवाल उठाए। अलीशा चौहान ने बताया कि केलांग की तर्ज पर ही दरें प्रस्तावित की गई हैं। ग्रामीणों ने सड़क के निर्माण के दौरान किसी संपर्क मार्ग को नुकसान होता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर बनाने की मांग रखी। सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों ने इस पर आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले प्रभावित, जनप्रतिनिधियों, विभागों और बीआरओ की संयुक्त टीम निरीक्षण करेगी। जाहलमा, उदयपुर और मडग्रां के रिहायशी इलाकों में छेड़छाड़ न करने का भी आश्वासन दिया।
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