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प्रबंधन की नाकामी से ओपीडी में नौ माह तक लटका रहा ताला
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कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में नेत्र रोग ओपीडी में पिछले नौ महीनों तक ताला लटका रहा। नौ माह के लंबे इंतजार के बाद अस्पताल को दो नेत्र रोग विशेषज्ञ मिले हैं, जिससे अब मरीजों का उपचार सुचारु रूप से किया जा रहा है। लेकिन, अस्पताल में पिछले नौ महीनों से नेत्र रोग ओपीडी में ताला लटका हुआ था। नेत्र रोग में ताला लटकने के कारण मरीजों को मंडी और शिमला या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा था। कुल्लू अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के साथ अपंगता प्रमाण पत्र बनाने में भी मुश्किलें आ रही थीं लेकिन अब लोगों को राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि पिछले नौ महीनों से अस्पताल प्रबंधन की नाकामी के चलते नेत्र रोग विभाग में मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मरीज जब आंखों का उपचार करने के लिए कुल्लू आते थे तो उन्हें पंजीकरण पर जानकारी दी जाती थी कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ता था। हालांकि, नेत्र रोग विशेषज्ञों के अभाव में अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र रोग अधिकारी कर्ण सिंह गुलेरिया ने मरीजों को देखने का सिलसिला जारी रखा, जिससे लोगों को कुछ राहत महसूस हुई। हालांकि, एक नेत्र विशेषज्ञ ने पिछले करीब तीन सप्ताह पहले ही ज्वाइन कर लिया था। इसके बाद डॉक्टर अवकाश पर होने से लोगों को ओपीडी की सुविधा नहीं मिल रही थी।
इस संबंध में कुल्लू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भारत भूषण कटोच ने कहा कि अस्पताल को दो नए नेत्र रोग विशेषज्ञ मिले हैं। इससे अस्पताल में नेत्र रोग के मरीजों को सुविधा मिलेगी।
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गौरतलब है कि पिछले नौ महीनों से अस्पताल प्रबंधन की नाकामी के चलते नेत्र रोग विभाग में मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मरीज जब आंखों का उपचार करने के लिए कुल्लू आते थे तो उन्हें पंजीकरण पर जानकारी दी जाती थी कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ता था। हालांकि, नेत्र रोग विशेषज्ञों के अभाव में अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र रोग अधिकारी कर्ण सिंह गुलेरिया ने मरीजों को देखने का सिलसिला जारी रखा, जिससे लोगों को कुछ राहत महसूस हुई। हालांकि, एक नेत्र विशेषज्ञ ने पिछले करीब तीन सप्ताह पहले ही ज्वाइन कर लिया था। इसके बाद डॉक्टर अवकाश पर होने से लोगों को ओपीडी की सुविधा नहीं मिल रही थी।
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इस संबंध में कुल्लू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भारत भूषण कटोच ने कहा कि अस्पताल को दो नए नेत्र रोग विशेषज्ञ मिले हैं। इससे अस्पताल में नेत्र रोग के मरीजों को सुविधा मिलेगी।
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