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आपात स्थिति में चेक आउट के लिए न बनाए दबाव : शर्मा
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कुल्लू। मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला पर्यटन विभाग ने जिले के सभी होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस और अन्य आतिथ्य प्रतिष्ठानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी होटल और होमस्टे एसोसिएशनों को पत्र भेजकर निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
विभाग ने भारी बारिश, अचानक बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए पर्यटन कारोबारियों को पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। होटल प्रबंधन को मौसम की स्थिति तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से समय-समय पर जारी एडवाइजरी की जानकारी पर्यटकों तक पहुंचानी होगी।
होटल और होमस्टे संचालकों को बरसात के दौरान पर्यटकों को नदी-नालों, जलप्रपातों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जाने से रोकने के लिए चेतावनी संबंधी नोटिस प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने होंगे। यदि सड़कें बंद हों या मौसम यात्रा के लिए सुरक्षित न हो, तो मेहमानों पर चेक-आउट का दबाव नहीं बनाया जाएगा। जहां तक संभव हो, उन्हें यात्रा सुरक्षित होने तक ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम या सड़कें बंद होने का लाभ उठाकर कमरे का किराया, भोजन, परिवहन या अन्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। होटल और होमस्टे में आवश्यक खाद्य सामग्री, पेयजल, बिजली बैकअप, प्राथमिक उपचार किट और अन्य जरूरी सुविधाओं का पर्याप्त प्रबंध रखने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटकों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या संकट की सूचना तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस अथवा आपातकालीन संचालन केंद्र को देनी होगी। जिला पर्यटन विकास अधिकारी डॉ. रोहित शर्मा ने कहा कि सभी होटल और होमस्टे संचालकों को विभाग की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना होगा। संवाद
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विभाग ने भारी बारिश, अचानक बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए पर्यटन कारोबारियों को पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। होटल प्रबंधन को मौसम की स्थिति तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से समय-समय पर जारी एडवाइजरी की जानकारी पर्यटकों तक पहुंचानी होगी।
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होटल और होमस्टे संचालकों को बरसात के दौरान पर्यटकों को नदी-नालों, जलप्रपातों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जाने से रोकने के लिए चेतावनी संबंधी नोटिस प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने होंगे। यदि सड़कें बंद हों या मौसम यात्रा के लिए सुरक्षित न हो, तो मेहमानों पर चेक-आउट का दबाव नहीं बनाया जाएगा। जहां तक संभव हो, उन्हें यात्रा सुरक्षित होने तक ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम या सड़कें बंद होने का लाभ उठाकर कमरे का किराया, भोजन, परिवहन या अन्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। होटल और होमस्टे में आवश्यक खाद्य सामग्री, पेयजल, बिजली बैकअप, प्राथमिक उपचार किट और अन्य जरूरी सुविधाओं का पर्याप्त प्रबंध रखने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटकों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या संकट की सूचना तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस अथवा आपातकालीन संचालन केंद्र को देनी होगी। जिला पर्यटन विकास अधिकारी डॉ. रोहित शर्मा ने कहा कि सभी होटल और होमस्टे संचालकों को विभाग की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना होगा। संवाद