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Kullu News: रोरिक के बहाने भारत-रूस की विरासत पर चर्चा
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नग्गर (कुल्लू)। अंतरराष्ट्रीय निकोलस रोरिक मेमोरियल ट्रस्ट नग्गर में रविवार को भारत और रूस के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें भारत, रूस सहित अन्य देशों के विद्वानों, कला इतिहासकारों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। सेमिनार में निकोलस रोरिक की एशिया यात्रा, भारतीय संस्कृति और हिमाचल के प्राकृतिक सौंदर्य को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में उनके योगदान पर चर्चा की गई।
सेमिनार में डॉ. ओम कुमार शर्मा, सर्गेई स्कोरोडुमोव, डॉ. हर्ष इंद्र लुंबा, उत्कर्ष दीक्षित, डॉ. मीता नरैन, डॉ. नीलाक्षी सूर्यनारायण, अनास्तासिया रजवोडोवस्कया, मारीना सर्गीवा, नतालिया चरकशीना, एडुआर्ड तोमसा, डॉ. ल्यूडमिला किरसानोवा, एलीना इवांको, एलीना एशिकोवा, अंशुल कुमार और सामर्थ्या ठाकुर सहित अन्य वक्ताओं ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि कला और सांस्कृतिक विरासत दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और भारत-रूस के बीच कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
रोरिक के चित्रों और उनके कार्यों के माध्यम से हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता तथा भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान पर भी विचार साझा किए गए। भारतीय क्यूरेटर सुरेश कुमार नड्डा और रूसी क्यूरेटर लारिसा सुरगीना ने अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि 23 अक्तूबर को ट्रस्ट में भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। संवाद
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सेमिनार में डॉ. ओम कुमार शर्मा, सर्गेई स्कोरोडुमोव, डॉ. हर्ष इंद्र लुंबा, उत्कर्ष दीक्षित, डॉ. मीता नरैन, डॉ. नीलाक्षी सूर्यनारायण, अनास्तासिया रजवोडोवस्कया, मारीना सर्गीवा, नतालिया चरकशीना, एडुआर्ड तोमसा, डॉ. ल्यूडमिला किरसानोवा, एलीना इवांको, एलीना एशिकोवा, अंशुल कुमार और सामर्थ्या ठाकुर सहित अन्य वक्ताओं ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि कला और सांस्कृतिक विरासत दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और भारत-रूस के बीच कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
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रोरिक के चित्रों और उनके कार्यों के माध्यम से हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता तथा भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान पर भी विचार साझा किए गए। भारतीय क्यूरेटर सुरेश कुमार नड्डा और रूसी क्यूरेटर लारिसा सुरगीना ने अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि 23 अक्तूबर को ट्रस्ट में भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। संवाद
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