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Kullu News: आपदा ने किया जार-जार, फिर भी नहीं मानी हार, तीन माह बाद फिर शुरू किया रोजगार

Wed, 11 Oct 2023 11:19 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Oct 2023 11:19 PM IST
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Disaster wreaked havoc, still did not accept defeat, started employment again after three months
​पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ के बाद सैंज बाजार में क्षतिग्रस्त भवन, अब यहां पर तबाही के निशान ह
सैंज (कुल्लू)। जुलाई माह की प्राकृतिक आपदा सैंज घाटी के लिए सामाजिक बिखराव लेकर आई है। पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से वर्षों से सैंज बाजार में व्यापार करने वाले लोग बिखर गए हैं। हालांकि इनमें कई लोग आपदा के दंश को झेलकर टूटे नहीं और करीब तीन महीने बाद नए सिरे से जीवन यापन का सिलसिला शुरू किया। स्थानीय दुकानदार राज कुमार ने बताया कि सैंज बाजार में राजू हार्डवेयर नाम से दुकान बाढ़ की भेंट चढ़ गई।
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अब पारला बाजार में किराये की दुकान शुरू की है। वहीं, अशोक कुमार ने कहा कि मकान और दुकान छिन जाने के बाद पारला बाजार के लिए शिफ्ट हो गए हैं। उधर, प्रभावित महिला भाग दासी ने कहा कि सैंज में नए पुल के सामने दो मंजिल पक्के मकान का अब कोई निशान नहीं बचा है। सब कुछ बहने के बाद अब हनुमान मंदिर के पास नई दुकान लगाई हैं। हालांकि इन लोगों के लिए नए सिरे से जीवन की शुरुआत करना खासा चुनौतीपूर्ण है।
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कभी ये दुकानें थीं बाजार की शान, आज नहीं बचा कोई निशान
भागदासी की बुक शॉप, शबदू का घर, अशोक न्यूज एजेंसी, महंत बूट शॉप, राजू हार्डवेयर, तीर्थराम टेंट हाउस, टेढ़ी सिंह की दुकान, निर्मला धागा, पुराना कांगड़ा बैंक, गेमन कालोनी, हमीरपुरी मछली वाला, अजय क्लीनिक और दुर्गा इलेक्ट्रानिक्स आदि सैंज बाजार की पहचान बन चुके इन ठिकानों को नदी में आई बाढ़ निगल गई। इनके निशान भी नहीं बचे हैं। घर, जमींन और कारोबार से हाथ धो चुके लोगों के पास पुराने दिनों याद करने के अलावा कुछ नहीं बचा है।
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बेरोजगार बना गई आपदा
आपदा प्रभावित ज्ञान चंद की सैंज-न्यूली सड़क के किनारे दो मंजिला पक्का मकान धंसकर तहस नहस हो चुका है। मकान की निचली मंजिल में छह दुकानें थी। अब न घर रहा और न दुकानें। किराये पर दुकान करने वाले युवक भी बेरोजगार हो गए हैं।


सैंज तहसील में 149 रिहायशी मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसमें 209 परिवार किराये के कमरों में रह रहे थे जबकि 360 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 113 गोशाला पूरी तरह और 47 गोशाला आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई। इसके अलावा 70 घराटों का बाढ़ ने अस्तित्व मिटा दिया हैं। सभी प्रभावितों को मुआवजा दिया गया है। अन्य सहायता भी इन प्रभावितों की जाएगी।
आशुतोष गर्ग, उपायुक्त,
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