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धारा गांव के आपदा प्रभावित खोखो, टेंटों और पड़ोसियों की घरों में कट रहे दिन

Mon, 05 Sep 2022 11:33 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2022 11:33 PM IST
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Disaster affected kiosks of Dhara village, days are being cut in tents and neighbors' houses
सैंज के धारा गांव में भूस्खलन से पुश्तैनी घर का उखाड़कर खोखो बनाते हुए प्रभावित। संवाद। - फोटो : Kullu
सैंज (कुल्लू)। भारी भूस्खलन से धंस रहे सुचैहण पंचायत के धारा गांव के लोगों के सामने अब नए घर बनाना एक चुुनौती है। प्रभावितों ने जमींदोज हो रहे मकानों को उखाड़कर खिड़की, दरवाजे, अलमारियां, लकड़ी, पत्थर और स्लेट को समेटना शुरू कर दिया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इन मकानों को बुजुर्गों ने कड़ी मेहनत से बनाया था। प्रकृति ने बसी बसाई बसती उजाड़ दी है। अब पूर्वजों की याद में घर के खिड़की और दरवाजे नए घरों में लगाएंगे। सोभा राम का नए घर में रहने का सपना अधूरा रह गया। कम उम्र में ही विधवा हुई तारा देवी भी बेघर हो गई हैं। सोभा राम ने कड़ी मेहनत से पक्का मकान बनाया था।
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पुश्तैनी मकान से सामान यहां रखना अभी शुरू ही किया था लेकिन कुदरत ने सब तबाह कर दिया। न पुश्तैनी मकान बचा और न नया मकान। आनन-फानन में सोभा राम ने परिवार का सिर छिपाने के लिए खोखा तैयार किया है। उन्होंने कहा कि परिवार ने नए मकान को लेकर कई सपने बुने थे। लेकिन पूरा मकान आंखों के सामने ही धंसने लगा है।
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तारा देवी के सिर से 26 साल की उम्र में ही पति का साया उठ गया। पति के अचानक स्वर्गवास से उस पर तीन बच्चों की जिम्मेवारी भी आ गई। खेतों में दिन रात मेहनत-मजदूरी कर वह बच्चों को बड़ा किया। अब बच्चे बड़े हुए लेकिन छत नहीं रही।
पुश्तैनी घर उजड़ने के बाद जेठ के घर में रहना पड़ रहा है। तारा देवी ने कहा कि अब नया घर कैसे बनेगा। कहां से इतने पैसे आएंगे। पुश्तैनी घर के खिड़कियां, दरवाजे और छत की स्लेट निकालकर खेतों में रखे हैं। उधर बेलीराम का नया मकान भी धराशायी होने वाला है। जीवन यापन का सामान पडाछे और टेंटों में समेट दिया है। मवेशियों को रिश्तेदारों के पास रखा है।

सईना देवी, मुर्तू देवी, अजवीर सिंह, संगत राम, किशोरी लाल, मोहर सिंह, वीर सिंह और लक्ष्मी कांत ने बताया कि बुजुर्गों ने मकान सुरक्षित जगह पर बनाए थे। लेकिन इस बार की बरसात ने सब तबाह कर दिया। गांव में लगभग 50 बीघा जमीन में दरारें पड़ी हैं। ग्रामीण किशोरी लाल ने कहा कि उनका काष्ठकुणी शैली का मकान तबाह हो गया है।
बगीचे में सेब के कई पौधे नष्ट हो गए हैं। तहसीलदार सैंज हीरा चंद नलवा ने कहा कि तय मानकों के अनुसार ग्रामीणों को राहत राशि जारी की जा रही है।
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